अब तक धान खरीदी के एवज में 4000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों तक पहुँचने की स्थिति
दैनिक मूक पत्रिका बेमेतरा – कलेक्टर रणबीर शर्मा कि निगरानी एवं मार्गदर्शन मे खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए जिले में धान खरीदी का कार्य इस वर्ष पूरी तरह सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित रूप से जारी है। जिला प्रशासन के कुशल प्रबंधन, सतत निगरानी और किसानों के अनुकूल वातावरण के कारण जिले के सभी 129 धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी कार्य प्रारंभ हो चुका है और बड़े पैमाने पर धान का उपार्जन किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा धान खरीदी की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक संसाधन, तकनीकी सुविधाएँ और मानवबल सुनिश्चित किया गया है।
अब तक कुल 16.90 लाख क्विंटल धान का उपार्जन
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बेमेतरा जिले में तीनों श्रेणियों—मोटा, पतला और सरना—में अब तक कुल 16,90,448.4 क्विंटल (लगभग 16.90 लाख क्विंटल) धान की खरीदी की जा चुकी है। इसमें मोटा धान : 4,30,921.2 क्विंटल, पतला धान : 1,11,301.2 क्विंटल, सरना धान : 11,48,226 क्विंटल एवं कुल योग 16,90,448.4 क्विंटल तक धान खरीदी हों चुकी है |
किसानों की सुविधा के लिए खरीदी केंद्रों में तुलाई, भंडारण, वाहन कतार प्रबंधन, बारदाना उपलब्धता, गुणवत्ता परीक्षण तथा रसीद जारी करने की प्रक्रिया को अत्यंत सुचारू तरीके से संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही भुगतान प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए सभी उपार्जन केंद्रों पर ऑनलाइन पंजीकरण एवं डेटा प्रविष्टि की व्यवस्था भी सुदृढ़ की गई है।
4000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों तक पहुँचने की स्थिति
बेमेतरा जिले में मोटा एवं सरना धान की कुल खरीदी 15,79,147.2 क्विंटल हुई है, जिस पर समर्थन मूल्य ₹2369 प्रति क्विंटल के अनुसार लगभग 3740 करोड़ रुपये का भुगतान बनता है। वहीं पतला धान की खरीदी 1,11,301.2 क्विंटल है, जिस पर ₹2389 प्रति क्विंटल की दर से लगभग 266 करोड़ रुपये का भुगतान बनता है। इस प्रकार अब तक जिले में धान उपार्जन के तहत कुल 4000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों के हित में उपार्जित होने की स्थिति बन चुकी है, जो जिले की अर्थव्यवस्था और किसानों की आय में महत्वपूर्ण वृद्धि का संकेत है।
जिले के सभी उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी सुचारू रूप से जारी
बेमेतरा जिले के सभी 129 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी कार्य अत्यंत व्यवस्थित रूप से चल रहा है। केंद्रों पर तुलाई मशीनें, गुणवत्ता जांच उपकरण, बारदाना, भंडारण स्थल और मानवबल की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। ट्रॉली प्रबंधन, कतार व्यवस्था और तुलाई प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए दैनिक निरीक्षण और मॉनिटरिंग की जा रही है। प्रशासन की निरंतर निगरानी के कारण किसानों को बिना किसी परेशानी के अपना धान बेचने की सुविधा मिल रही है।
किसानों को मिल रही है सभी आवश्यक सुविधाएँ
धान खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए पीने का पानी, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, छाया, तिरपाल, प्राथमिक उपचार सहित सभी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। तुलाई के बाद रसीद तुरंत प्रदान की जा रही है, और उपार्जन का डेटा ऑनलाइन दर्ज होने से भुगतान प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण से परिवहन, गुणवत्ता परीक्षण और भंडारण प्रक्रिया को भी पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाया गया है। सुविधाजनक माहौल के कारण किसान आत्मविश्वास के साथ उपार्जन केंद्रों में अपना धान जमा कर रहे हैं।
पारदर्शी और निष्पक्ष धान खरीदी से किसान खुश और संतुष्ट
धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया इस वर्ष पूर्णतः पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संचालित होने के कारण जिले के किसान अत्यंत संतुष्ट हैं। किसानों ने बताया कि इस बार न केवल खरीदी समय पर प्रारंभ हुई, बल्कि भुगतान भी तेजी से हो रहा है। गुणवत्ता परीक्षण और तुलाई प्रक्रिया खुली व निष्पक्ष है, जिससे किसानों में शासन और प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हुआ है। प्रशासन की संवेदनशीलता और बेहतर प्रबंधन के कारण खरीदी केंद्र किसानों के लिए सुविधा और भरोसे का केंद्र बन गए हैं। किसान आने वाले दिनों में भी इसी व्यवस्था से लाभान्वित होने की उम्मीद कर रहे हैं। बेमेतरा जिले में खरीफ वर्ष 2025-26 की धान खरीदी पिछले वर्षों की तुलना में अधिक व्यवस्थित, सुचारू और पारदर्शी रूप से संचालित हो रही है। उपार्जन की बढ़ती मात्रा और किसानों की संतुष्टि इसका स्पष्ट प्रमाण है।
