दैनिक मूक पत्रिका बेमेतरा – छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय प्रदर्शनी में डी.ए.वी. स्कूल जांता के विद्यार्थियों ने अपने अनोखे और प्रेरणादायक मॉडल “वेस्ट टू वेल्थ — कचरे से कंचन” से सबका ध्यान आकर्षित किया। इस मॉडल में विद्यार्थियों ने यह दर्शाया कि कैसे फसल अवशेष (पैरा) से मशरूम उत्पादन किया जा सकता है और उपयोग के बाद बची मशरूम अवशेष सामग्री को जैव उर्वरक के रूप में प्रयोग कर “शून्य अपशिष्ट समाधान” की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है।
राज्योत्सव के पहले दिन सांसद विजय बघेल ने प्रदर्शनी स्थल का भ्रमण किया। उन्होंने डी.ए.वी. स्कूल जांता के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत ” वेस्ट टू वेल्थ – कचरे से कंचन” मॉडल की गहराई से जानकारी ली और विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि “ऐसे नवाचार देश के भविष्य को दिशा देने वाले हैं।” उन्होंने स्कूल परिवार को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह प्रयास अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणादायक है। दूसरे दिन बेमेतरा जिला कलेक्टर रणबीर सिंह प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों के द्वारा प्रस्तुत कचरे से उपयोगी संसाधन बनाने की प्रक्रिया को बारीकी से समझा और कहा कि “यह मॉडल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना सकता है।” उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों और छात्रों की टीमवर्क की सराहना की।

तीसरे दिन कार्यक्रम में विधायक ईश्वर साहू और कैबिनेट मंत्री, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन विधायक नवागढ़ विधानसभा दयालदास बघेल ने उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने विद्यार्थियों के मॉडल को विस्तार से देखा और कहा कि “डी.ए.वी. स्कूल जांता के छात्र केवल शिक्षा में नहीं, बल्कि नवाचार और पर्यावरण चेतना में भी अग्रणी हैं।” मंत्री महोदय ने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि “ऐसे विद्यालय ही भविष्य के वैज्ञानिकों और प्रशासनिक अधिकारियों को तैयार करते हैं।”
तीनों दिनों तक डी.ए.वी. स्कूल जांता का “वेस्ट टू वेल्थ — कचरे से कंचन” मॉडल दर्शकों, अधिकारियों और आगंतुकों के बीच मुख्य आकर्षण बना रहा। मॉडल के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि यदि इच्छाशक्ति और नवाचार का संगम हो तो कचरा भी ‘कंचन’ बन सकता है।
विद्यालय के प्राचार्य पी के जायसवाल ने विद्यार्थियों की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि — हमारे विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत, लगन और वैज्ञानिक सोच से विद्यालय का नाम रोशन किया है। यह उनके परिश्रम और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। कार्यक्रम में स्कूल के सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों की टीम ने संयुक्त रूप से प्रस्तुति दी, जिसे सभी अतिथियों ने सराहा।
