30 किलो और 5 किलो के IED नष्ट, बसवराजू के नाम पर बना माओवादी स्मारक भी ध्वस्त
बीजापुर। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने गुरुवार को माओवादियों के खिलाफ अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की। डिमाइनिंग के दौरान भारी भरकम आईईडी बरामद कर उसे मौके पर नष्ट किया गया, वहीं जंगलों में बने माओवादी स्मारकों को भी ढहा दिया गया।
थाना आवापल्ली क्षेत्र में पुलिस, केरिपु 196 और 170वीं वाहिनी की संयुक्त टीम आवापल्ली-मुरदण्डा मार्ग पर डिमाइनिंग के लिए निकली थी। मुरदण्डा कैंप से करीब तीन किलोमीटर दूर सड़क किनारे गड्ढा बनाकर करीब पांच फीट अंदर और सड़क से दो फीट नीचे दबाया गया लगभग 30 किलो का आईईडी मिला। बताया जा रहा है कि इसे बड़े वाहनों को निशाना बनाने के इरादे से स्विच सिस्टम के जरिए लगाया गया था। विस्फोटक काफी गहराई में था, इसलिए उसे निकालना खतरे से खाली नहीं था। ऐसे में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जवानों ने वहीं उसे नष्ट कर दिया। धमाके से सड़क पर गहरा गड्ढा बन गया था, जिसे बाद में भरकर यातायात बहाल कर दिया गया।

इधर थाना गंगालूर क्षेत्र के एफओबी डोडीतुमनार में केरिपु 153वीं वाहिनी ने डिमाइनिंग के दौरान पांच किलो का प्रेशर आईईडी भी बरामद किया और उसे मौके पर नष्ट कर दिया।

थाना कुटरू इलाके में कोबरा 210वीं वाहिनी ने माओवादी विरोधी अभियान के दौरान इंद्रावती नदी किनारे बनाए गए कुख्यात माओवादी कमांडर बसवराजू के स्मारक को ढहा दिया। वहीं गंगालूर थाना क्षेत्र के तोड़का-कोरचोली और पेद्दाकोरमा के घने जंगलों में सर्चिंग के दौरान केरिपु 222वीं वाहिनी ने माओवादियों के अन्य स्मारकों को भी ध्वस्त किया।


पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बलों की सतर्कता से एक बड़ी घटना टल गई। लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों से साफ संकेत है कि इलाके में माओवादी गतिविधियों को किसी भी हाल में पनपने नहीं दिया जाएगा।
