छाल में 75 रुपए प्रति टन लेकर ग्रेड की हेराफेरी! जी-10 ग्रेड की लोडिंग देते समय कर रहे खेल
मूक पत्रिका रायगढ़ – एसईसीएल की छाल खुली खदान एक बार फिर सुर्खियों में है। यहां जी-10 कोयले की लोडिंग के नाम पर बेहतर क्वालिटी का स्टीम कोल दिया जा रहा है। इसके बदले 75 रुपए प्रति टन लिए जाने की चर्चा है। कोयले के ग्रेड में हेराफेरी के लिए मशहूर एसईसीएल की छाल खुली खदान में एक बार फिर से खेल शुरू हो चुका है। सब एरिया मैनेजर इसी माह रिटायर होने वाले हैं। लिहाजा वे कभी-कभार ही खदान पहुंच रहे हैं। इसका फायदा उठाकर खदान में मनमानी शुरू हो चुकी है। अभी जी-10 ग्रेड के कोयले की लोडिंग दी जा रही है। ट्रांसपोर्टरों को डीओ में एक अतिरिक्त सुविधा दी गई है।
जी-10 के बदले ज्यादा अच्छी क्वालिटी का स्टीम कोल लोड कराया जा रहा है। खदान में जी-10 और स्टीम कोल का अलग-अलग स्टॉक बनाकर रखा गया है। ऐसी व्यवस्था बनाई गई है जिसमें खुलेआम 75 रुपए प्रति टन की मांग की जाती है। कोयले की गुणवत्ता बहुत अच्छी होने के कारण ट्रांसपोर्टर खुशी-खुशी देने को तैयार हो जाते हैं। इसका ग्रेड जी-10 से भी बेहतर है। छाल माइंस में इस काम को एक नेटवर्क बनाकर किया जा रहा है। सब एरिया मैनेजर को भी इसकी जानकारी है लेकिन कोई भी बात बाहर नहीं आ रही है। अब तक हजारों टन कोयला पार किया जा चुका है।
रोज तीन हजार टन कोयला निकलता है
छाल खदान में काफी स्टॉक है। रोज करीब 3 हजार टन कोयला खदान से निकलता है। इस हिसाब से देखें तो रोजाना करीब 2.25 लाख रुपए की उगाही की जा रही है। इतनी बड़ी रकम में कितने हिस्सेदार होंगे, इसका पता नहीं। छाल माइंस बेधडक़ होकर काम किया जा रहा है।
60 रुपए लोडिंग के अलग से
स्टीम कोल के लिए इसके अलावा भी अलग से वसूली का रैकेट चल रहा है। लोडिंग प्वाइंट पर अलग से 60 रुपए प्रति टन लिए जाते हैं। जी-10 ग्रेड का डीओ लेकर गाड़ी घुसती है लेकिन अच्छी क्वालिटी का स्टीम कोल लोड कराया जाता है। लोड करते समय 60 रुपए का अलग से हिसाब होता है। इस तरह प्रति टन 135 रुपए लिए जा रहे हैं।
