
कांकेर। छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग तथा भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में कांकेर जिले के रोफरा ग्राम खमढोड़गी, ग्राम पंचायत कोकपुर में 12 दिवसीय सूक्ष्म उद्यम विकास कार्यक्रम (Micro Development Programme – MDP) का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
कांकेर जिला, जो अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, वनोपज, कृषि आधारित संसाधनों एवं पारंपरिक कौशल के लिए जाना जाता है, वहां उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में यह पहल मील का पत्थर साबित हो रही है। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों—जैसे लघु वनोपज प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई-कढ़ाई, अगरबत्ती निर्माण, बांस एवं लकड़ी शिल्प, साथ ही सेवा क्षेत्र में व्यवसाय के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए युवाओं एवं महिलाओं की उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक भागीदारी देखने को मिली। शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि “कांकेर जैसे आकांक्षी जिले में स्वरोजगार को बढ़ावा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। आज का युवा केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला उद्यमी बन सकता है, बस उसे सही प्रशिक्षण और मार्गदर्शन की जरूरत है।”
कार्यक्रम प्रभारी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उद्यम स्थापना की संपूर्ण प्रक्रिया, परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करना, बैंक ऋण प्रक्रिया, शासकीय योजनाओं की जानकारी, विपणन प्रबंधन, डिजिटल भुगतान प्रणाली, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, लागत निर्धारण एवं जोखिम प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, जिले में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों एवं पारंपरिक हुनर को बाजार से जोड़ने की रणनीति पर विशेष फोकस किया जाएगा।
कार्यक्रम में महिलाओं को विशेष रूप से घर-आधारित लघु उद्योगों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने हेतु प्रेरित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि “छोटे स्तर से शुरू किया गया व्यवसाय भी यदि सही दिशा, निरंतर प्रयास और गुणवत्ता के साथ किया जाए तो वह भविष्य में बड़ा उद्यम बन सकता है।”
अंत में प्रतिभागियों से आह्वान किया गया कि वे प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और कौशल का उपयोग कर न केवल स्वयं का व्यवसाय स्थापित करें, बल्कि अन्य ग्रामीणों को भी रोजगार से जोड़कर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
यह सूक्ष्म उद्यम विकास कार्यक्रम कांकेर जिले में उद्यमिता विकास, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत अभियान को धरातल पर उतारने की दिशा में एक ऐतिहासिक और सराहनीय पहल मानी जा रही है, जो आने वाले समय में जिले की आर्थिक तस्वीर बदलने में निर्णायक सिद्ध होगी।
