मूक पत्रिका नई दिल्ली। पान का इस्तेमाल अभीतक आपने जर्दा और सुपारी के साथ किया होगा। अलग-अलग तरीके से पान में चुना इत्यादि लगवाकर जरुर खाया होगा। हालांकि, आप जानते है कि पान को सिर्फ चुने और तंबाकू के साथ नहीं, बल्कि कई तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं। इनके सेवन के कई फायदे भी हैं। पान का इस्तेमाल चटनी बनाकर, काढ़ा बनाकर या घरेलू नुस्खें के तौर पर कर सकते हैं। आयुर्वेद में पान के पत्ते को औषिधि गुणों से भरपूर माना गया है। पहले इसका इस्तेमाल दवा के तौर पर भी किया जाता था।
अभी तक आपने पान को चूने, कत्थे व तम्बाकू के साथ खाया होगा। दुकानों पर पान इसी तरह से मिलते हैं। हालांकि, पान का और भी तरीके से इस्तेमाल किया जाता है। इसमें सबसे ज्यादा पूजा-पाठ व धार्मिक अनुष्ठान में किया जाता है। धार्मिक कार्यों में पान का काफी इस्तेमाल होता है, जिसे भगवान को भी चढ़ाया जाता है। शास्त्रों में पान को भगवान को चढ़ाने के शुभ फल है। घर में सत्यनारायण कथा से लेकर विशेष पूजा में ताम्बूल के तौर पर अर्पित किया जाता है। इस पत्ते को प्रसाद के रूप में चढ़ाने के बाद लोग खाते भी हैं।
पान की बना सकते हैं चटनी
आयुर्वेद के जानकार मंजेश तिवारी ने बताया कि पान का इस्तेमाल खाने में भी किया जाता है। पान की चटनी भी बनाई जाती है। जिसमें पान के साथ ही हरी मिर्च, नारियल व अन्य मसालों का प्रयोग किया जाता है। पानी की चटनी का बेहद शानदार स्वाद रहता है। खाने के बाद लोग स्वाद के कायल हो जाते हैं। वहीं, काढ़े के तौर पर भी पान का प्रयोग किया जाता है। पान के पत्तों को उबालकर काढ़ा बनाया जाता है, जो कई बीमारियों में भी कारगर होता है। इसका प्रयोग काढ़े के रूप में भी कर सकते हैं।
चबाकर खाने के फायदे
आयुर्वेद के जानकार मंजेश तिवारी ने बताया कि भोजन के बाद पान के पत्ते चबाने से पाचन क्रिया मजबूत होती है। साँसों में ताजगी बनाए रखने में बेहद मददगार होता है। इसमें कई ऐसे गुण मौजूद होते हैं, जो कॉलेस्ट्रॉल को कंट्रोल रखता है और हार्ट संबंधी रोगों से भी बचाता है। पान का प्रयोग खाने के बाद भी कर सकते हैं। इसके साथ ही घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए भी पान का प्रयोग कर सकते हैं। वहीं, पान का उपयोग दर्द के लिए भी किया जा सकता है। यदि कहीं दर्द हो रहा हो तो पान के पत्ते को गर्म करके रख सकते हैं। यह बेहद फायदेमंद है।
