पति ने ही की थी पत्नी की हत्या, चाचा ने शव ठिकाने लगाने में की मदद
दैनिक मूक पत्रिका दंतेवाड़ा -थाना भांसी क्षेत्र के ग्राम कुंदेली के समीप हुए महिला हत्या के अंधे मामले का खुलासा करते हुए दंतेवाड़ा पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मृतका की पहचान रीना रयामी के रूप में हुई, जिसकी हत्या उसके ही पति राजेश रयामी ने की थी। हत्या के बाद शव ठिकाने लगाने में आरोपी को उसके चाचा रमेश रयामी ने मदद की।
घटना का विवरण
दिनांक 02 अक्टूबर 2025 को ग्राम कुंदेली के ओटेर खेत के पास सड़क किनारे झाड़ियों में एक महिला का निर्वस्त्र शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। थाना भांसी पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर शव की पहचान रीना रयामी के रूप में की और मामले की जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच में मृतका के पति राजेश रयामी ने ही सूचना दी थी, जिस पर शून्य मर्ग इंटीमेशन दर्ज कर एफएसएल यूनिट को बुलाया गया। पीएम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई, जिसके बाद अज्ञात आरोपी के विरुद्ध धारा 64(1), 103(1) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच की दिशा
पुलिस अधीक्षक गौरव राय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उदित पुष्कर व एसडीओपी कपिल चंद्रा के निर्देशन में थाना प्रभारी प्रहलाद कुमार साहू, सायबर सेल टीम एवं विवेचना दल ने लगातार एक माह तक हर एंगल से जांच की।
सायबर टीम ने कई सीसीटीवी फुटेज और हजारों मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया। साथ ही, आसपास के गांवों — कुंदेली, भांसी मासापारा, बड़े कमेली, धुरली, गमावाड़ा — के ग्रामीणों व संदिग्धों से गहन पूछताछ की गई।
पति ने खुद किया क़त्ल
तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ में सामने आया कि 01 अक्टूबर 2025 की रात लगभग 8 बजे, पति राजेश का पत्नी रीना से झगड़ा हुआ। गुस्से में उसने उसका गला घोंटकर हत्या कर दी।
इसके बाद आरोपी ने अपने चाचा रमेश के साथ मिलकर शव और मृतका का थैला, मोबाइल एवं कपड़े मोटरसाइकिल से गांव के बाहर ओटेर खेत के पास फेंक दिए।
लोगों को गुमराह करने के लिए शव को निर्वस्त्र कर यह दिखाने की कोशिश की गई कि रीना के साथ बलात्कार के बाद हत्या की गई है।
कार्रवाई
पुलिस ने घटनास्थल का रिकंस्ट्रक्शन, पंचनामा, एवं घटनाक्रम के सभी साक्ष्य एकत्र किए।
आरोपियों से मोटरसाइकिल (Hero HF Deluxe CG 18 R 2844), कपड़े, और मृतका की सामग्री जब्त की गई।
दोनों आरोपियों
1️⃣ राजेश रयामी (27 वर्ष)
2️⃣ रमेश रयामी (36 वर्ष)
— निवासी ग्राम कुंदेली रयामीपारा, थाना भांसी — को 09 नवंबर 2025 को गिरफ्तार कर 10 नवंबर 2025 को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
मामले में अब धारा 3(5) एवं 238 बीएनएस भी जोड़ी गई है।
अपराध क्रमांक: 18/25
धारा: 64(1), 103(1), 3(5), 238 बीएनएस।
पुलिस टीम का योगदान
इस जटिल मामले के खुलासे में एसडीओपी किरंदुल कपिल चंद्रा, थाना प्रभारी प्रहलाद कुमार साहू, निरीक्षक विजय राठौर, जयमंगल श्यामले, विनोद मण्डावी, नंदकुमार सिदार, भारती मण्डावी, राजेन्द्र ठाकुर, कन्हैया राठिया, चेतना शाहनी एवं सायबर सेल के आरक्षक बेलाल सिंह का विशेष योगदान रहा। दंतेवाड़ा पुलिस की यह उपलब्धि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और तकनीकी जांच के प्रभावी उपयोग का उदाहरण है।
