दैनिक मूक पत्रिका बेमेतरा– भारत में बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 एक सशक्त और भरोसेमंद माध्यम के रूप में कार्य कर रही है। यह 24 घंटे संचालित निशुल्क (टोल-फ्री) आपातकालीन सेवा है, जिसका उद्देश्य संकटग्रस्त बच्चों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना है। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पूरे भारत में कहीं से भी डायल की जा सकती है, जहाँ कोई भी व्यक्ति या स्वयं बच्चा मदद के लिए संपर्क कर सकता है।
चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से बाल श्रम, बाल विवाह, शारीरिक, मानसिक एवं यौन शोषण, लापता अथवा घर से भागे बच्चों, बीमार या घायल बच्चों को तत्काल संरक्षण प्रदान किया जाता है। इसके साथ ही बेघर एवं अनाथ बच्चों को सुरक्षित आश्रय गृहों में पहुँचाया जाता है तथा मानसिक रूप से परेशान बच्चों को आवश्यक परामर्श भी उपलब्ध कराया जाता है।
सूचना प्राप्त होने पर चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम द्वारा 60 मिनट के भीतर मौके पर पहुँचने का प्रयास किया जाता है और बच्चे की तात्कालिक आवश्यकताओं जैसे भोजन, कपड़े एवं उपचार की व्यवस्था की जाती है। इसके पश्चात बच्चे को आगे की देखरेख एवं भविष्य के निर्णय हेतु बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है।
इस सेवा की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है तथा इस नंबर पर कॉल करने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता। प्रशासन एवं समाजसेवी संगठनों द्वारा आमजन से अपील की गई है कि यदि कहीं भी कोई बच्चा संकट में दिखाई दे, तो चुप न रहें और तुरंत 1098 पर सूचना दें, क्योंकि आपकी एक कॉल किसी बच्चे का जीवन सुरक्षित और बेहतर बना सकती है।चाइल्ड हेल्पलाइन – 1098 (24×7 निशुल्क सेवा)
