मूक पत्रिका रायपुर l छत्तीसगढ़ सरकार के खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने राज्य के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास और समावेशी प्रगति की दिशा में एक दूरदर्शी एवं प्रभावी दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि सरकार ने समाज के हर वर्ग — गरीब, किसान, महिला, युवा और ग्रामीण परिवारों — को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की हैं।
मंत्री बघेल ने विशेष रूप से महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ी घोषणाओं की सराहना करते हुए कहा कि स्व-रोजगार, कौशल विकास, स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा और मातृत्व-स्वास्थ्य योजनाओं के विस्तार से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल परिवार की आय बढ़ेगी, बल्कि महिलाओं का आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी भी मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। कृषि, पशुपालन, लघु उद्योग, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और रोजगार सृजन से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और पलायन पर भी रोक लगेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए किए गए प्रावधानों को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण, नई स्वास्थ्य सुविधाओं, मातृ-शिशु कल्याण कार्यक्रमों और चिकित्सा सेवाओं के विस्तार से आम जनता को बेहतर इलाज उपलब्ध होगा। इससे प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा मजबूत होगी।
खाद्य मंत्री ने यह भी कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को और अधिक सशक्त बनाने तथा खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी सरकार प्रतिबद्ध है, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को नियमित रूप से राशन उपलब्ध होता रहेगा।
अंत में उन्होंने बजट को पारदर्शी, जनोपयोगी और विकासोन्मुख बताते हुए विश्वास जताया कि इससे राज्य की जनता को व्यापक लाभ मिलेगा
