ठंड में उजड़े परिवार, महिलाओं-बच्चों ने खुले आसमान तले काटी रात
बीजापुर|जिले में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। नगर पालिका परिषद बीजापुर अंतर्गत नया बस स्टैंड के पीछे चट्टानपारा से लगे क्षेत्र में शुक्रवार को शुरू हुई बुलडोजर कार्रवाई में पहले दिन लगभग 80 अवैध मकानों को ध्वस्त किया गया, जबकि शनिवार को 20 और मकानों को तोड़े जाने की कार्रवाई की गई। इस तरह दो दिनों में करीब 100 से अधिक अवैध मकान हटाए गए। कार्रवाई के दौरान नगर पालिका परिषद, तहसील प्रशासन, वन विभाग एवं भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
कार्रवाई के दौरान प्रभावित लोगों का विरोध भी सामने आया। कुछ लोगों द्वारा प्रशासनिक अमले पर पत्थर फेंकने की कोशिश की गई, हालांकि पुलिस बल की सतर्कता से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप
पीड़ितों का आरोप है कि वे वर्षों से यहां निवास कर रहे थे और कार्रवाई से पहले न तो मुनादी कराई गई और न ही पर्याप्त समय दिया गया। उनका कहना है कि यदि दो दिन की मोहलत मिलती तो वे घर का जरूरी सामान निकाल सकते थे। अचानक बुलडोजर चलने से कई परिवार पूरी तरह बेघर हो गए।
ठंड में बेघर, मानवीय पहलू पर सवाल
कार्रवाई के बाद भीषण ठंड में महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर नजर आए। पीड़ित परिवार अलाव जलाकर और जैसे-तैसे भोजन की व्यवस्था कर रात काटते दिखे। पीड़ितों में डीआरजी जवानों के 8 से 10 परिवार भी शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा नक्सली भय के चलते अंदरूनी इलाकों से पलायन कर आए परिवार भी यहां बसे थे।

प्रशासन का पक्ष : वन भूमि पर था अतिक्रमण
जिला प्रशासन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया कि चट्टानपारा क्षेत्र वन मद की शासकीय भूमि है। इस क्षेत्र में पूर्व में भी तीन बार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है, इसके बावजूद पुनः अवैध कब्जा किया गया। कार्रवाई से पहले नगर पालिका परिषद द्वारा तीन बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन अतिक्रमण स्वयं नहीं हटाए गए, जिससे मजबूरन यह कदम उठाया गया।
तहसीलदार पंचराम सलामे ने बताया कि सलवा जुडूम के दौरान नक्सल प्रभावित परिवारों को शांति नगर, शिविरपारा (गंगालूर रोड) एवं पनारापारा जेल बाड़ा क्षेत्र में बसाया गया है। इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा चट्टानपारा क्षेत्र की वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों द्वारा पूर्व में कब्जाई गई भूमि को बेचकर पुनः अतिक्रमण करना गंभीर श्रेणी में आता है।
जवानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का भरोसा
डीआरजी के डीएसपी विनीत साहू ने बताया कि बीजापुर जिले में लगभग 850 जवान पदस्थ हैं, जिनमें डीआरजी और बस्तर फाइटर शामिल हैं। गांगलूर रोड स्थित पुलिस लाइन में जवानों के लिए नए आवास निर्माण की प्रक्रिया जारी है। वहीं तहसीलदार ने बताया कि जिन डीआरजी जवानों के मकान टूटे हैं, उनके लिए पुलिस प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की जानकारी मिली है।
नगर पालिका परिषद के सीएमओ बंसीलाल नुरेटी ने बताया कि अब तक पांच बार नोटिस जारी किए जा चुके थे। शुक्रवार को 84 और शनिवार को 16 मकानों पर कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन ने दोहराया है कि शासकीय एवं वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और आगे भी अभियान निरंतर जारी रहेगा।
