बालक एवं बालिकाओं के मध्यम खेल गया फ्रेंडली मैच
दैनिक मूक पत्रिका बेमेतरा – भारतीय हॉकी के 100 वर्ष पूर्ण होने पर बीते शुक्रवार को शास.उच्च. माध्य. विद्यालय बारगांव के खेल मैदान में गौरवशाली सफर का उत्सव समारोह का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सच्चिदानंद मिश्रा सरपंच प्रतिनिधि बारगांव रहे उपस्थित
आयोजन में बालक एवं बालिका वर्ग के मध्य फ्रेंडली मैच खेला गया पहला मैच बालिका वर्ग से टीम रानी लक्ष्मी बाई एवं टीम मदर डेरेसा के मध्य खेल गया जिसमें टीम रानी लक्ष्मी बाई के खिलाड़ियों द्वारा मैच में दमदार खेल का प्रदर्शन कर खिलाड़ी तन्नू एवं निधि के एक एक गोल के बदौलत टीम मदर डेरेसा को 0–2 से हराकर जीत दर्ज किया इसी प्रकार बालक वर्ग में टीम अशोका एवं टीम शिवाजी के मध्य मैच खेला गया पहले हाफ तक दोनों टीमों ने अपने अपने खेल कौशल से 1–1 गोल करने में सफलता मिली दूसरे हाफ से ही टीम अशोका के खिलाड़ी चिंताराम पटेल के 02 गोल एवं साथी खिलाड़ी देवेन्द्र यादव 02 गोल,ओमकार निषाद 01 गोल के उत्कृष्ठ खेल का प्रदर्शन करते हुए टीम शिवाजी पर 1–5 से जीत दर्ज की
इस अवसर पर ग्राम पंचायत बारगांव सरपंच प्रतिनिधि सच्चिदानंद मिश्रा ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह दिन ऐतिहासिक क्षण है भारतीय हॉकी का 100 शताब्दी समारोह एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है जो हमारी समृद्ध विरासत और भविष्य के लिए हमारे दृष्टिकोण को दर्शाता है,इसी प्रकार हमारे बारगांव की व्यायाम शिक्षिका (कोच) तुलसी साहू के कुशल मार्गदर्शन में बारगांव सहित आसपास ग्रामीण अंचल के खिलाड़ियों ने हॉकी खेल में राज्य स्तरीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अपने उम्दा खेलों का प्रदर्शन कर अनेकों मेडल अर्जित कर नव कृतिमान स्थापित कर रहे है जिससे बारगांव सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों का नाम हॉकी खेल में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जा रहा है

*इस अवसर पर शास. उच्च.माध्य. विद्यालय बारगांव की व्यायाम शिक्षिका (कोच)तुलसी साहू ने कहा कि
भारत में हॉकी के 100 गौरवशाली वर्ष यह केवल एक खेल का उत्सव नहीं है,बल्कि उस राष्ट्रीय जुनून को श्रद्धांजलि है जिसने पीढ़ियों को प्रेरित किया है,एक विविध राष्ट्र को एकजुट किया है और हमारे देश को वैश्विक पहचान दिलाई है,हॉकी केवल भारत का राष्ट्रीय खेल नहीं है यह उन लाखों लोगों के दिलों की धड़कन है जिन्होंने इसका जादू जिया है,ओलंपिक विजय के स्वर्णिम युग से लेकर आधुनिक युग के पुनरुत्थान तक,भारतीय हॉकी की यात्रा पुनर्निर्माण और उत्कृष्टता की निरंतर खोज की यात्रा रही है,7 नवंबर 1925 को ऐतिहासिक शहर ग्वालियर में हॉकी के लिए एक राष्ट्रीय निकाय का आधिकारिक रूप से गठन किया गया, इस निर्णायक क्षण ने विजय और गौरव की एक यात्रा को प्रज्वलित किया जिसने भारत को इस खेल में एक शक्तिशाली देश के रूप में मजबूती से स्थापित किया है,इन सौ वर्षों में भारतीय हॉकी की यात्रा वैश्विक खेलों में बेजोड़ विरासत की गाथा है,1928 में एमस्टर्डम ओलंपिक में भारतीय टीम ने नीदरलैंड को हराकर अपना पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता तब से लेकर अब तक भारतीय हॉकी टीम ने कुल आठ ओलंपिक स्वर्ण पदक अपने नाम किए है जो किसी भी देश द्वारा हॉकी खेल में जीते गए सबसे अधिक स्वर्ण पदक है इसी प्रकार एक रजत और चार कांस्य पदक और एक हॉकी विश्व कप ट्रॉफी, एक रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं।
गौरवपूर्ण 04 वर्ष बारगांव हॉकी टीम
*बेमेतरा जिले के अंतर्गत विकासखण्ड बेरला के ग्राम बारगांव से खेलो को बढ़ावा देने लिए एक यात्रा शुरू किया गया वर्ष 2021 में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बारगांव में व्यायाम शिक्षिका व कोच तुलसी साहू की नियुक्ति हुई थी वे स्वयं हॉकी खेल की राष्ट्रीय खिलाड़ी भी है वे स्वयं 05 स्कूल नेशनल,05 ओपन नेशनल,06 युनिवर्सिटी सहित 04 बार सिविल सर्विसेस खेल चुकी है,इनके मार्गदर्शन में स्कूल से लगे खेल मैदान में हॉकी खेलना शुरू करवाया वर्ष 2022 में हांकी खेल में बारगांव से 02 बच्चों का चयन राज्य स्तर के लिए हुआ एवं 01 छात्रा का चयन राष्ट्रीय स्तर के लिए हुआ
वर्ष 2023 में हॉकी खेल में 19 बच्चों का चयन राज्य स्तर एवं 03 बच्चों का चयन राष्ट्रीय स्तर में हुआ इसी प्रकार 2024 में 19 छात्र/छात्राओं का चयन राज्य स्तर में हुआ एवं 03 बच्चों का चयन राष्ट्रीय स्तर में हुआ साथ ही इसी वर्ष बारगांव से हॉकी खेल में यहां के बच्चों का चयन एकेडमी रायपुर में 03 बच्चे, बिलासपुर एकेडमी में 03 बच्चे एवं राजनांदगांव एकेडमी में 02 वर्ष 2025 में 20 बच्चों का चयन राज्य स्तर एवं 01 बच्चे का चयन एकेडमी में हुआ,प्रतिदिन बारगांव हॉकी खेल मैदान में 70 से 80 बच्चे हॉकी खेल का गुण सिख रहे है और राज्य स्तर एवं राष्ट्रीय स्तर में जीत दर्ज कर मेडल अर्जित कर रहे है इस अवसर पर सभी खिलाड़ियों को विद्यालय के प्राचार्य तीक्ष्ण साहू एवं समस्त शिक्षको ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी साथ ही खिलाड़ी देवेन्द्र यादव,तुषार यादव,चिंताराम पटेल,हर्षित साहू,कुलदीप कुमार,विजय विश्वकर्मा,थानेस्वर,ओमकार निषाद,निधि पाटिल,तन्नू ,लोकेश्वरी साहू,ममता पाल,कावेरी साहू,खुशी कुर्रे,निशा साहू,दिव्या निषाद,नम्रता साहू,गरिमा साहू,डामेश्वरी सहित खिलाड़ीगण रहे उपस्थित।
