दावा-आपत्ति प्रक्रिया की बारीकियों से छात्र-छात्राओं को किया गया अवगत
मूक पत्रिका बेमेतरा- निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के अंतर्गत दावा-आपत्ति चरण के दौरान मतदाता जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भिभौरी महाविद्यालय में एक विशेष मतदाता जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में उपस्थित छात्र-छात्राओं को 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक चलने वाली दावा-आपत्ति प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिला निर्वाचन कार्यालय, बेमेतरा के निर्देशानुसार नगर पंचायत क्षेत्र में कार्यरत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को आमंत्रित किया गया था। बीएलओ द्वारा मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने एवं त्रुटि सुधार से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल भाषा में समझाया गया। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के अनुसार जिन छात्र-छात्राओं की आयु 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रारूप-6 में आवेदन प्रस्तुत कर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। साथ ही नाम, पता, आयु अथवा अन्य विवरणों में त्रुटि होने की स्थिति में संबंधित प्रारूपों के माध्यम से सुधार कराया जा सकता है।

स्वीप नोडल अधिकारी श्री जी.एस. भारद्वाज ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला निर्वाचन कार्यालय बेमेतरा के मार्गदर्शन में महाविद्यालय स्तर पर यह विशेष शिविर आयोजित किया गया है, ताकि युवा मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ते हुए उन्हें अपने मताधिकार के प्रति जागरूक किया जा सके। शिविर के दौरान नुक्कड़ नाटक, रंगोली प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता जैसे रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य मतदाता जागरूकता को प्रभावी एवं रोचक बनाना है। शिविर में अभिहित अधिकारी एवं बीएलओ की सक्रिय सहभागिता रही।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. समीर ठाकर ने सभी छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे समय रहते मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य दर्ज कराएं तथा यदि कोई दावा-आपत्ति से संबंधित आवेदन हो तो 22 जनवरी 2026 की समय-सीमा के भीतर प्रस्तुत करें। कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य द्वारा उपस्थित सभी प्रतिभागियों को मतदाता शपथ दिलाई गई और उन्हें निष्पक्ष, निर्भीक एवं जिम्मेदार मतदान के लिए प्रेरित किया गया। इस विशेष शिविर के माध्यम से युवा मतदाताओं में निर्वाचन प्रक्रिया की समझ बढ़ी तथा उन्हें लोकतंत्र में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरणा मिली।
