सैन्य ताकत में चीन रह गया पीछे, दुनिया की तीसरी सबसे ताकतवर वायुसेना बनीं Indian Air Force, जानें कहां हैं पाकिस्तान
दैनिक मूक पत्रिका :- इस रैंकिंग में चौथे नंबर पर चीन की एयरफोर्स है और 5 वें नंबर पर जापानी वायुसेना है, जबकि इजरायली एयरफोर्स को छठा नंबर मिला है

भारत की वायुसेना विश्व की तीसरी सबसे ताकतवर सेना हो गई है. वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट की ताजा रैंकिंग में भारतीय वायुसेना ने चीन को पीछे छोड़ दिया है. पहले नंबर पर अमेरिका, दूसरे नंबर पर रूस है और उसके बाद भारत का नंबर है. हालांकि चीन के पास भारत से अधिक सैन्य विमान हैं, लेकिन World Directory of Modern Military Aircraft (WDMMA) की ये रैंकिंग वायुसेना की मारक क्षमता के आधार पर तय की गई है.
कैसे तय होता है कौन कितना ताकतवर
डब्ल्यूडीएमएमए वार्षिक रैंकिंग को लेकर एक फॉर्मूला इस्तेमाल करती है, जो दुनिया की विभिन्न वायु सेनाओं की कुल लड़ाकू शक्ति से संबंधित मूल्यों पर आधारित होता है. यह फॉर्मूला ‘ट्रूवैल रेटिंग’ (टीवीआर) वायुसेना के आधुनिकीकरण, सैन्य सहायता, आक्रमण और रक्षा क्षमताओं आदि के आधार पर होता है.
किसी भी देश की वायुसेना की ताकत का मूल्यांकन केवल उसके विमानों की कुल संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और इन्वेंट्री के सामान्य मिश्रण के आधार पर किया जाता है. आमतौर पर नजरअंदाज की जाने वाली कैटेगरी जैसे विशेष-मिशन, बमवर्षक ताकत, सीएएस, प्रशिक्षण और ऑन-ऑर्डर इकाइयों को अधिक महत्व दिया जाता है. इसके अलावा स्थानीय विमानन उद्योग की क्षमताओं, इन्वेंट्री संतुलन और वायुसेना के अनुभव पर भी ध्यान केंद्रित किया जाता है.
अमेरिका की वायुसेना के पास उच्चतम प्राप्त करने योग्य टीवीआर स्कोर 242.9 है. USAF में विमानों के कई प्रकारों के साथ-साथ कुल संख्या संतुलन भी मजबूत है. अमेरिका के विशाल औद्योगिक आधार के कारण इसके कई उत्पाद लोकल लेवल पर बनाए जाते हैं.
पाकिस्तान से पावरफुल सऊदी की वायु सेना
इस रैंकिंग में चौथे नंबर पर चीन की एयरफोर्स है और 5 वें नंबर पर जापानी वायुसेना है, जबकि इजरायली एयरफोर्स को छठा नंबर मिला है. उसके बाद सातवें नंबर पर है फ्रांस की वायुसेना है. ब्रिटेन की वायुसेना फ्रांस के बाद आठवें नंबर पर है. पाकिस्तान की एयरफोर्स 18वें नंबर पर है, जबकि सऊदी अरब की एयरफोर्स को 17वां नंबर मिला है. वर्तमान WDMMA की लिस्ट में 103 देशों पर नजर रखी गई है और 129 हवाई सेवाओं को कवर किया गया है.
