प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा के क्रियान्वयन पर हुई चर्चा, हितग्राहियों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
बेमेतरा – जिला बेमेतरा में प्रत्येक माह की तरह इस माह भी 7 तारीख को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आवास दिवस एवं रोजगार दिवस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बेमेतरा के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और पंचायत स्तरीय अधिकारियों की सहभागिता रही।इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं मनरेगा से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर हितग्राहियों को आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) पर दी गई जानकारी
आवास दिवस के अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों और हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इसमें हितग्राहियों के चयन की प्रक्रिया, आवास की स्वीकृति, किस्तों के अंतरण तथा निर्माण कार्य की प्रगति से जुड़ी जानकारी विस्तार से साझा की गई। इसके साथ ही जिन हितग्राहियों के आवास अभी तक अधूरे हैं, उन्हें शीघ्र आवास निर्माण पूर्ण करने के लिए प्रेरित और समझाइश दी गई। वहीं जिन हितग्राहियों द्वारा अब तक आवास निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है, उन्हें एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए। अन्यथा निर्धारित समय सीमा के बाद संबंधित हितग्राहियों से स्वीकृत राशि की वसूली की कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई।
मनरेगा से जुड़े कार्यों और भुगतान पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत चल रहे कार्यों की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। उपस्थित श्रमिकों और हितग्राहियों की मजदूरी भुगतान से संबंधित समस्याओं का निराकरण किया गया तथा उन्हें योजना से मिलने वाले लाभों के बारे में अवगत कराया गया। इसके साथ ही VB GRAMG से संबंधित विषयों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई और ग्रामीणों को योजना के माध्यम से अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
जल संरक्षण के लिए जनसहभागिता पर दिया गया जोर
बैठक के दौरान जिले में संभावित जल संकट को देखते हुए ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि भूजल स्तर को बनाए रखने और बढ़ाने के लिए प्रत्येक परिवार को अपने घरों में सोखता गड्ढा (सोक पिट) या वर्षा जल संचयन संरचना का निर्माण करना चाहिए। इस संबंध में ग्रामीणों से अपील की गई कि वे जनसहभागिता के माध्यम से जल संरक्षण के कार्यों को बढ़ावा दें, ताकि आने वाले समय में जल संकट की समस्या को कम किया जा सके।
योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में पहल
आवास दिवस एवं रोजगार दिवस के आयोजन से ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त हुई और उन्हें अपनी समस्याओं को सीधे अधिकारियों के सामने रखने का अवसर भी मिला। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचे और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक गति मिल सके।
