
कांकेर। चारामा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तेलगरा में जिला पंचायत कांकेर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी द्वारा विभिन्न आजीविका आधारित गतिविधियों का विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने मसाला यूनिट का अवलोकन कर उसके संचालन, उत्पादन क्षमता तथा विपणन की संभावनाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान संबंधित हितग्राहियों से चर्चा करते हुए उन्होंने कार्य को और अधिक प्रभावी एवं लाभकारी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए।
इसके साथ ही मनरेगा के अंतर्गत निर्मित आजीविका डबरी में संचालित मछली पालन कार्य का निरीक्षण किया गया। यहां मछली पालन की वर्तमान स्थिति, उत्पादन स्तर तथा उससे हो रही आय के संबंध में जानकारी ली गई। उन्होंने हितग्राहियों को वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन करने एवं आय बढ़ाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। इसके अतिरिक्त गांव में संचालित सूअर पालन एवं मुर्गी पालन जैसे अन्य स्वरोजगार गतिविधियों का भी निरीक्षण किया गया, जिन्हें ग्रामीणों के लिए आय के महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया।
इसके पश्चात ग्राम पंचायत चिनोरी में हितग्राही उमन/मेहतर के कार्यस्थल का निरीक्षण किया गया। यहां लगभग 20 मजदूर मनरेगा के तहत कार्यरत पाए गए। निरीक्षण के दौरान कार्य की गुणवत्ता, प्रगति तथा मजदूरों को उपलब्ध कराए जा रहे रोजगार की स्थिति का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने मजदूरों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस दौरान उपस्थित मजदूरों एवं ग्रामीणों को “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)” के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि इस योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान है, जिससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जी.एस. कंवर, एसडीओ आरईएस, कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा, सब इंजीनियर, तकनीकी सहायक, ग्राम पंचायत के सरपंच, रोजगार सहायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सभी से समन्वय बनाकर कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने का आह्वान किया।
