ग्राम पंचायत विकास योजना पर दो दिवसीय प्रशिक्षण में हुई गहन चर्चा — ग्राम स्तर पर तैयार होंगे मास्टर ट्रेनर
दैनिक मूक पत्रिका बेमेतरा- कलेक्टर रणबीर शर्मा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती प्रेमलता पदमाकर के मार्गदर्शन में बेमेतरा को “जल समृद्ध जिला” बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिले के बेरला विकासखंड में “जल समृद्ध बेमेतरा एवं ग्राम पंचायत विकास योजना” पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ब्लॉक स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स तैयार करना तथा ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत फैसिलिटेटर्स, जीपीपीएफटी सदस्यों और पंचायत टीमों को समुदाय आधारित समावेशी योजना निर्माण की प्रक्रिया में सक्षम बनाना था, ताकि प्रत्येक ग्राम पंचायत अपनी आवश्यकताओं और संसाधनों के अनुसार ठोस विकास योजना तैयार कर सके।
पहले दिन का सत्र बेरला ब्लॉक कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित हुआ। इसमें विषय विशेषज्ञ गौरव वशिष्ठ (प्रदान रायपुर), पारसनाथ यादव (वाटरशेड एक्सपर्ट, समर्थ ट्रस्ट) और सौम्य रंजन (प्रबंधक–आजीविका एवं अभिसरण, प्रदान रायपुर) ने प्रशिक्षण प्रदान किया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को जल संरक्षण, संसाधन प्रबंधन और ग्राम पंचायत विकास योजना निर्माण की विस्तृत सैद्धांतिक जानकारी दी। साथ ही, आधुनिक तकनीकों के उपयोग के साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के तरीकों पर भी चर्चा हुई। दूसरे दिन प्रतिभागियों ने रेवे ग्राम पंचायत का दौरा किया, जहां उन्होंने पीआरए तकनीक, जीआईएस टूल्स और जीपीडीपी प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रदर्शन किया। इस दौरान सरपंच, स्व-सहायता समूह की महिलाएं और ग्रामीणजन सक्रिय रूप से शामिल हुए।
कार्यक्रम का मुख्य फोकस समावेशी और सतत विकास योजना निर्माण पर रहा, जिसमें समाज के सभी वर्गों — वंचित, निराश्रित महिलाएं, दिव्यांगजन एवं अन्य समूहों — की आवश्यकताओं को स्थानीय संसाधनों से जोड़ने पर बल दिया गया।

जल समृद्ध बेमेतरा की ओर बढ़ता कदम
जनपद पंचायत बेरला के कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कश्यप ने बताया कि प्रशिक्षण में दिए गए दिशा-निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन निश्चित रूप से “जल समृद्ध बेमेतरा” के लक्ष्य की प्राप्ति में सहायक होगा। वहीं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बेमेतरा शिशिर शर्मा ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के सभी सत्रों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सीखे गए बिंदुओं को जमीनी स्तर पर लागू करने से पंचायतों में सतत विकास का नया अध्याय आरंभ होगा। प्रशिक्षण में जनपद पंचायत बेरला के तकनीकी सहायक, रोजगार सहायक, सरपंच, सचिव एवं महिला सक्रिय सदस्य (सीएलएफ) बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
