दैनिक मूक पत्रिका रायपुर। भारतीय सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री और सुरों की साधिका, छत्तीसगढ़ की गौरव बेटी सुलक्षणा पंडित के निधन की खबर से पूरे प्रदेश में गम फैल गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सुलक्षणा की कला यात्रा की जड़ें रायगढ़ की उस सांस्कृतिक परंपरा में थीं, जहां संगीत सिर्फ रियाज़ नहीं—एक जीवनधारा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में बताया कि सुलक्षणा पंडित का जन्म रायगढ़ की पुरानी बस्ती के रामगुड़ी पारा स्थित अशर्फी देवी महिला चिकित्सालय में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रायगढ़ के पैलेस रोड स्थित शासकीय बालिका विद्यालय से पूरी की।
सीएम साय के अनुसार, सुलक्षणा के पिता प्रताप नारायण पंडित, राजा चक्रधर सिंह के दरबार में प्रसिद्ध तबला वादक थे। संगीत उनके परिवार के लिए केवल कला नहीं, बल्कि एक संस्कार था—और सुलक्षणा पंडित ने उसी संस्कार को अपनी मधुर आवाज़ में ढालकर देश-दुनिया तक पहुंचाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी आवाज़ में सादगी, भाव और इस मिट्टी की सुगंध बसती थी। छत्तीसगढ़ उनकी इस अमर संगीत यात्रा को नमन करता है।
“सुलक्षणा जी की आवाज में इस धरती की महक थी। उन्होंने छत्तीसगढ़ का नाम पूरे देश में रोशन किया। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति प्रदान हो।” — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
