दैनिक मूक पत्रिका रायपुर। केंद्र सरकार देश में एयरपोर्ट निजीकरण की अगली प्रक्रिया फिर शुरू करने जा रही है। इस चरण में 11 एयरपोर्ट्स को बंडल मॉडल पर निजी कंपनियों को देने का फैसला जल्द लिया जा सकता है। इस प्रक्रिया पर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप एप्राइजल कमेटी (पीपीपी एसी) अंतिम फैसला लेगी। सीएनबीसी के अनुसार सरकार को ट्रांजैक्शन एडवाइजर की रिपोर्ट सौंप दी गई है जिससे पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।कोशिश है कि एयरपोर्ट निजीकरण की यह नई प्रक्रिया अगले वित्त 26 के अंत तक पूरी कर ली जाए।
इस बार सरकार पहली बार बड़े और छोटे एयरपोर्ट्स को बंडल करके निजी कंपनियों को ऑफर करने जा रही है। इन एयरपोर्ट्स को लंबी अवधि की लीज पर देने की तैयारी है ताकि निजी कंपनियां उनका संचालन और विकास कर सकें।
इन 11 एयरपोर्ट्स का हो सकता है निजीकरण जिन 11 एयरपोर्ट्स का निजीकरण संभावित है, उनमें अमृतसर , वाराणसी , भुवनेश्वर, रायपुर , त्रिची , इंदौर , कुशीनगर, गया , औरंगाबाद , हुबली और कांगड़ा शामिल हैं।इन एयरपोर्ट्स को एक साथ पैकेज के रूप में पेश किया जाएगा।इस चरण को लेकर सरकारी स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं और रिपोर्ट मिलने के बाद औपचारिक निर्णय जल्द लिए जाने की संभावना है।
