दैनिक मूक पत्रिका बीजापुर – नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में मुख्यधारा से दूर रहे माओवादी अब एक नए भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं। पुनर्वास और कौशल उन्नयन कार्यक्रम के तहत आत्मसमर्पित माओवादियों को शिक्षा, तकनीक और रोजगार आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की पहल पर संचालित इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को ट्रैक्टर ड्राइविंग, सिलाई, बागवानी, पशुपालन सहित विभिन्न तकनीकी एवं स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर, सामाजिक रूप से सम्मानित और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
इसी क्रम में बीते मंगलवार को प्रतिभागियों को बीजापुर स्थित सेंट्रल लाइब्रेरी का भ्रमण कराया गया। यहां उन्हें पुस्तकों की महत्ता, विश्व ज्ञान, मानचित्र अध्ययन और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी रोचक जानकारियों से अवगत कराया गया। प्रतिभागियों ने टेलीस्कोप के माध्यम से चाँद, तारे और ग्रहों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर विज्ञान की नई दुनिया का अनुभव किया। इस अध्ययन यात्रा ने आत्मसमर्पित माओवादियों में नई जिज्ञासा, उत्साह और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की ऊर्जा का संचार किया।
कार्यक्रम के दौरान उप पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार साहू और पुनर्वास केंद्र के संचालक गौरव पांडे स्वयं उपस्थित रहे। दोनों अधिकारियों ने प्रतिभागियों से संवाद किया और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों ने बताया कि यह पुनर्वास कार्यक्रम न केवल प्रतिभागियों को रोजगार और कौशल प्रदान कर रहा है, बल्कि उनके मानसिक, सामाजिक और बौद्धिक विकास पर भी विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है, ताकि वे नए जीवन में मजबूती से स्थापित हो सकें।
जिला प्रशासन ने पुनर्वास प्रयासों को और मजबूत बनाने का संकल्प व्यक्त करते हुए समाज से अपील की है कि मुख्यधारा में लौटने वाले इन व्यक्तियों को सहयोग और प्रोत्साहन दें, ताकि वे सम्मानपूर्वक और सुरक्षित जीवन जी सकें।
