मूक पत्रिका बेमेतरा – ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से जिले की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव की कई प्रेरक कहानियां सामने आ रही हैं। ऐसी ही एक मिसाल जिले के विकासखंड साजा के ग्राम पंचायत माटरा, संकुल तेंदुभाटा की रहने वाली संतोषी साहू हैं, जिन्होंने संघर्षों को पीछे छोड़ आज आत्मनिर्भरता की नई राह बना ली है। समूह से जुड़ने से पहले संतोषी साहू की आर्थिक स्थिति सामान्य थी। परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उन्हें अपने परिवार के साथ गांव से बाहर शहरों में जाकर रोजी-मजदूरी करनी पड़ती थी। मेहनत के बावजूद आय सीमित होने के कारण परिवार का गुजारा करना मुश्किल होता था।
वर्ष 2023 में संतोषी साहू महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ीं, जिसके बाद उनके जीवन में बदलाव की शुरुआत हुई। समूह के माध्यम से उन्हें रिवॉल्विंग फंड और सीआईएफ की राशि प्राप्त हुई। इस सहायता का सही उपयोग करते हुए उन्होंने सब्जी उत्पादन का कार्य प्रारंभ किया और अपनी उपज को बाजार तक पहुंचाने के लिए एक छोटा वाहन भी खरीदा, जिससे उन्हें सब्जियों को मंडी तक ले जाने में सुविधा होने लगी। इसके साथ ही संतोषी साहू ने बाड़ी विकास (किचन गार्डन) का कार्य भी शुरू किया और ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत एफएलसीआरपी का दायित्व मिलने से उनकी आय के नए स्रोत भी विकसित हुए। इन प्रयासों से उनकी आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार होता गया और अब उन्हें रोजगार के लिए शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ता।
आज संतोषी साहू न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही हैं। उनकी यह सफलता की कहानी यह साबित करती है कि महिला स्व-सहायता समूह से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कदम बढ़ा सकती हैं। संतोषी साहू की यह प्रेरक यात्रा आज क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी एक उदाहरण बन गई है, जो उन्हें आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित कर रही है।
