बेमेतरा पुलिस द्वारा मनाया जा रहा बाल सुरक्षा सप्ताह, स्कुली बच्चों को थाना/चौकी का कराया गया भ्रमण, थाना/चौकी कार्यो के संबंध में दी गई जानकारी
पुलिस टीम ने गुड टच – बैड टच, साइबर अपराध और यातायात नियमों पर दी विस्तृत जानकारी
शैक्षणिक भ्रमण ने बच्चों में जागरूकता, आत्मविश्वास और सुरक्षा संबंधी समझ को किया मजबूत

दैनिक मूक पत्रिका बेमेतरा- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती ज्योति सिंह, एसडीओपी बेरला विनय कुमार, डीएसपी श्रीमती कौशिल्या साहू, डीएसपी राजेश कुमार झा, के मार्गदर्शन में सामुदायिक पुलिसिंग के लिए “हमर पुलिस हमर बजार” एवं “हमर पुलिस हमर गांव” अभियान के माध्यम से आम नागरिकों को जिले के हॉट/बाजारों एवं ग्रामों, में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में 17 व 18 नवंबर 2025 को बाल सुरक्षा सप्ताह के तहत थाना साजा पुलिस टीम द्वारा बच्चों को थाना का भ्रमण कराने के साथ ही थाना कार्यो के संबंध में जानकारी दी गई।। भ्रमण के दौरान थाना स्टाफ के द्वारा महत्वपूर्ण जानकारियां स्कुली बच्चों को प्रदान कर उनमें सृजनात्मक कौशल का विकास किया। थाना साजा, चंदनू एवं देवकर स्टाफ ने पंडित देवी प्रसाद चौबे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय साजा, शासकीय प्राथमिक शाला चंदनू एवं स्वामी आत्मानंद स्कुल के बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हे भविष्य में अच्छे नागरिक बनने की प्रेरणा और बच्चों को महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी दी गई। इस विशेष भ्रमण का उद्देश्य बच्चों को पुलिस की कार्यप्रणाली, सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, साइबर जागरूकता और ट्रैफिक नियमों की बुनियादी जानकारी देकर जागरूक बनाना था।
इस अवसर पर पुलिस टीम ने बच्चों को थाना परिसर में होने वाले विभिन्न कार्यों, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, पेट्रोलिंग, नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था तथा अपराध रोकथाम के लिए किए जाने वाले प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस टीम ने बच्चों को समझाया कि पुलिस का मुख्य कार्य जनता की सुरक्षा और सहायता करना है, और जरूरत पड़ने पर पुलिस हमेशा उनके साथ खड़ी रहती है। इस अवसर पर बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में विशेष रूप से जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि कौन-सा स्पर्श सुरक्षित है और कौन-सा नहीं। उन्हें बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति ऐसा स्पर्श करे जिससे असहजता महसूस हो, डर लगे या संदेह हो, तो तुरंत ना कहें, वहां से दूर हटें और माता-पिता, शिक्षक या पुलिस जैसे विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी अवश्य दें।
इस दौरान बच्चों में आत्मविश्वास बढ़या और उन्हें सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना सिखाया। इसके बाद बच्चों को साइबर सुरक्षा और साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने बताया कि आज की डिजिटल दुनिया में बच्चे अक्सर ऑनलाइन गेम, सोशल मीडिया और इंटरनेट का उपयोग करते हैं जहां कई तरह के जोखिम मौजूद हैं। उन्होंने बच्चों को फर्जी लिंक, अंजान नंबर, ओटीपी धोखाधड़ी, गलत मैसेज, फोटो दुरुपयोग, साइबर बुलिंग जैसी गतिविधियों से बचने के तरीके समझाए। साथ ही यह भी बताया कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि तुरंत माता-पिता और पुलिस को बतानी चाहिए।
*इस दौरान यातायात नियमों की जानकारी भी बच्चों को दी गई। पुलिस ने सड़क पार करने के सही नियम, Zebra Crossing का उपयोग, सड़क पर खेल न खेलने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, वाहन में सीट बेल्ट लगाने, और सड़क पर मोबाइल फोन का उपयोग न करने जैसे महत्वपूर्ण नियमों पर विस्तार से चर्चा की। बच्चों को बताया गया कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए ट्रैफिक नियमों का पालन सभी की जिम्मेदारी है।
इस शैक्षणिक भ्रमण ने बच्चों में जागरूकता,
आत्मविश्वास और सुरक्षा संबंधी समझ को मजबूत किया, जिसका लाभ वे अपने दैनिक जीवन में भी उठा सकेंगे। शिक्षक गणों ने भी इस आयोजन की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को कानून और सुरक्षा की जिम्मेदारियों से परिचित कराते हैं।

