दैनिक मूक पत्रिका कांकेर – कांकेर ई एसआई या कर्मचारी राज्य बीमा की राशि में जिला के सभी नगरीय निकायों में भारी भरकम राशि की घोटाला होने का आशंका छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय कर्मचारी यूनियन ने जताया है। इस संदर्भ में एक ज्ञापन आज कांकेर जिला कलेक्टर को सौंपकर पूरी निष्पक्ष जांच की मांग किया गया है। यूनियन के प्रतिनिधियों को कलेक्टर ने पूरे मामला को जांच कराने का आश्वासन दिया।
छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय कर्मचारी यूनियन के राज्य अध्यक्ष द्वारका कोसरिया एवं महासचिव भाव सिंह कश्यप ने आज एक प्रेस बयान जारी कर बताया कि जिला के सभी नगरीय निकायों में 2017 से प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से कार्य कराया जा रहा है। प्लेसमेंट एजेंसी के साथ सभी निकायों का अनुबंध के शर्त के अनुसार सभी प्लेसमेंट कर्मचारियों का वेतन का 2 प्रतिशत राशि कर्मचारी राज्य बीमा या ई एसआई खाता में जमा कराना नियोक्ता की जिम्मेदारी है। लेकिन जिला के किसी भी निकायों के प्लेसमेंट कर्मचारियों को ई एसआई का कार्ड अभी तक उपलब्ध नहीं हुआ है। जिससे यह प्रतीत होता हैं कि ई एसआई के खाता में राशि जमा नहीं हो रहा है। एक वर्ष पहले नरहरपुर नगर पंचायत के प्लेसमेंट कर्मचारियों को ई एसआई कार्ड वितरीत किया गया था।क्या है ई एसआई?
यूनियन के नेताओं ने कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा से कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्यों जिसमें कर्मचारी के माता और पिता भी शामिल है मुफ्त इलाज का प्रावधान है। ई एस आई कार्ड नहीं बनने के कारण कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। उसके साथ ही प्लेसमेंट एजेंसी और मुख्य नियोक्ता नगर पालिका एवं नगर पंचायत श्रम कानून का खुले आम उल्लंघन कर रहे है।
कैसे हो सकता है आर्थिक घोटाला
नेताओं खुलासा करते हुए किस तरह से इस घोटाला को अंजाम दिया जा सकता है इसकी जानकारी देते हुए कहा कि
ईएस आई में नियोक्ता की ही जवाबदारी होती है कि वे ही कर्मचारी एवं नियोक्ता का अंशदान की राशि ई एस आई में जमा कराए। कर्मचारी के अंशदान उनके वेतन के भुगतान के पूर्व ही प्लेसमेंट एजेंट द्वारा कटौती कर लिया जाता है। ठीक इसी तरह प्लेसमेंट एजेंट मुख्य नियोक्ता नगरीय निकायों से नियोक्ता के अंशदान की राशि को ले लेता है। नियोक्ता और सेवायुक्तों की राशि को ई एसआई में जमा कराने की जिम्मेदारी प्लेसमेंट एजेंट पर है। लेकिन प्लेसमेंट एजेंट उस राशि को ई एसआई खाता में जमा नहीं कराते है। कर्मचारियों को अंदेशा है कि प्लेसमेंट एजेंसी इन राशि का घोटाला किया है क्यों कि अगर ई एसआई में राशि जमा होता तो सभी कर्मचारियों को ई एसआई का कार्ड मिलता। घोटाला में निकाय के स्थाई कर्मचारी की संलिप्तता भी हो सकती हैकर्मचारी नेताओं ने कहा कि सभी निकायों में एक स्थाई कर्मचारी को इन पूरे मामले में निगरानी करने की जिम्मेदारी दी जाती है। लेकिन पिछले दस वर्षों से कर्मचारियों को ई एसआई की सुविधा नहीं मिल रहा है और निकायों के उस जिम्मेदार कर्मचारी की मौन रहना अनेकों संदेहों को जन्म देता है। उन्होंने कहा कि इस भ्रष्टाचार को और सुगम बनाने के उद्देश्य से ही प्लेसमेंट कर्मचारियों को वेतन पर्ची नहीं दिया जाता है, ताकि कर्मचारी को जानकारी न मिल सके कि उनके वेतन से किन किन मद पर कितनी राशि की कटौती हुई है। लंबे समय से कर्मचारी कर रहे थे ई एसआई कार्ड की मांग
कर्मचारी विगत एक वर्षों से निकाय के सीएमओ, श्रम पदाधिकारी से कर्मचारियों को ई एसआई कार्ड देने की मांग कर रहे थे, लेकिन किसी भी अधिकारी ने कर्मचारियों के साथ न्याय नहीं किया। अंत में कर्मचारियों ने जिला कलेक्टर के पास अपनी फरियाद लेकर पहुंचे और पूरे मामले से उन्हें अवगत कराया। जिसके बाद पूरे मामले की जांच का आदेश जारी करने का आश्वासन दिया।
अपने अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे निकाय कर्मचारी नेताद्वय ने कहा कि श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले सभी सुविधाओं से प्लेसमेंट कर्मचारी वंचित है। भविष्यनिधी में नियमित रूप से राशि जमा न होना, पेंशन न मिलना, ग्रेच्युटी की सुविधा न देना आम बात है।लेकिन यूनियन के पंजीयन के बाद वे संगठित होकर पहली बार बोनस, ग्रेच्युटी की मांग किया है। ग्रेच्युटी हेतु आवेदन भी जमा किया है।आज के प्रतिनिधिमंडल में यूनियन के राज्य संरक्षक सुखरंजन नंदी, राज्य अध्यक्ष, द्वारका कोसरिया,राज्य महासचिव भाव सिंह कश्यप, राज्य कोषाध्यक्ष अरुण वाल्मीक मुख्य रूप से उपस्थित थे।
