SIR फार्म भरवाने पहुंचे नगर अध्यक्ष को ग्रामीणों ने बताया अपने गांव में हो रहे भ्रष्टाचार का राज
दैनिक मूक पत्रिका कुसमी – विकासखंड कुसमी के ग्राम पंचायत हंसपुर–पाकरडीह से घुंघरूपाठ–डोंगीपानी तक करोड़ों रुपये की लागत से बन रही जनमन सड़क को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश गुरुवार को खुलकर सामने आया। आज़ादी के 78 वर्ष बाद मिल रहे इस सड़क निर्माण कार्य को गांव के आदिवासी कोरवा–उरांव समुदाय, पंच–उपसरपंच तथा सरपंच पति ने घटिया, लापरवाह और भ्रष्टाचार से भरा निर्माण बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया।
बात दे यह सड़क आजादी के 78 वर्ष बाद गांव वालों को नसीब तो हो रहा मगर सड़क भ्रष्टाचार पर लीन है, करोड़ों का यह सड़क बनने से पहले उखड़ने का दस्तक देने लगे, ग्रामीण व गांव के जिम्मेदार सरपंच और नगर अध्यक्ष ने देखा तो पाया कि सड़क हाथ से उखड़ जा रही है।
ठेकेदार, आदिवासी अंचल का यह गांव के लोगों को ठग के लीपापोती कर गांव को मोटा चुना लगा कर ठेकदार वा संबंधित विभाग सुध लेना चाहती है।
ग्रामीण ने इसकी सूचना जनप्रतिनिधि को भी दी मगर ग्रामीणों का दर्द आखिर सुने तो कौन। सवाल कई बिंदु पर खड़ा होती है।
ग्रामीणों ने साफ कहा कि काम अगर गुणवत्ता से होगा तभी बनने देंगे, नहीं तो हम सड़क निर्माण रुकवाएंगे।
इसी दौरान SIR फार्म भरवाने गांव पहुंचे नगर पंचायत कुसमी के अध्यक्ष एवं आदिवासी समाज के वरिष्ठ नेता राजेंद्र भगत को ग्रामीणों ने मौके की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया। सरपंच पति, उपसरपंच और पंचों ने बताया कि सड़क निर्माण में लगातार लापरवाही हो रही है, पर ठेकेदार और विभाग के अधिकारी ग्रामीणों की शिकायतें सुनने तक को तैयार नहीं हैं।
इसके बाद नगर अध्यक्ष राजेंद्र भगत स्वयं मौके पर पहुंचे। लगभग 9 किलोमीटर चल रहे सड़क निर्माण कार्य को देखकर उन्होंने गंभीर नाराजगी जताई। कई स्थानों पर मिट्टी, गिट्टी और रोलरिंग के मानकों का पालन न होते देख अध्यक्ष भगत ने ठेकेदार और विभाग को जमकर फटकार लगाई और निर्देश दिया कि गांव के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा
ग्रामीण इसी सड़क से इलाज के लिए बाहर जाते हैं। यदि सड़क की गुणवत्ता खराब रही तो यह सीधे उनकी जान से खिलवाड़ है। काम गलत नहीं होना चाहिए, नहीं तो हम कार्रवाई के लिए मजबूर होंगे।
ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि वे गांव के विकास के विरोधी नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण के खिलाफ हैं। वहीं नगर अध्यक्ष द्वारा सख्त निर्देश देने के बाद निर्माण कार्य को दुरुस्त करने की बात सामने आ रही है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
वहीं सम्बंधित विभाग से जानकारी हेतु फोन किया गया मगर उनका कोई प्रतिक्रिया नहीं आया।
