दैनिक मूक पत्रिका बीजापुर(पवन कुमार नाग, संभागीय ब्यूरो) – शराब दुकानों में मनमानी और अतिरिक्त राशि वसूली पर कुछ दिनों की रोक के बाद एक बार फिर पुराने हालात लौट आए हैं। बीते पखवाड़े विभिन्न समाचार पत्रों में अवैध वसूली की खबरें प्रकाशित होने के बाद कुछ समय तक शराब प्रिंट दर पर बेची जा रही थी, लेकिन अब फिर से ग्रामीण उपभोक्ताओं से मनमाने दाम वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
शुक्रवार बाजार के दिन भैरमगढ़ में ब्लॉक से लगे ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। स्थानीय उपभोक्ताओं को तो अभी भी प्रिंट रेट पर शराब मिल रही है, परंतु ग्रामीणों से निर्धारित दर से अधिक रकम वसूली की जानकारी मिल रही है। खबरों के प्रकाशन के बाद अवैध कारोबार पर कुछ दिनों तक अंकुश दिखाई दिया, लेकिन अब नए तरीकों से वसूली की जा रही है।

कोचियों की सक्रियता बढ़ी, प्रशासन मौन
ग्रामीण क्षेत्रों के कोचियों को आसानी से शराब उपलब्ध कराई जा रही है। आबकारी विभाग और पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार की सख्त कार्रवाई नहीं किए जाने से इनके हौसले बुलंद हैं।
स्थानीय उपभोक्ताओं के अनुसार शराब की पैकिंग भी निम्न स्तर की है और बंद बोतल से लीकेज की शिकायतें भी मिल रही हैं। इस गड़बड़ी को लेकर अब सुराप्रेमी अधिक जागरूक हो रहे हैं और किसी भी अनियमितता की सूचना मीडिया तक पहुंचा रहे हैं।
बिजापुर मुख्यालय से दूरी बना अवैध कारोबार का सहारा
भैरमगढ़ की जिला मुख्यालय से दूरी के कारण अधिकारी नियमित निरीक्षण नहीं कर पाते, जिसका फायदा शराब दुकान संचालक उठा रहे हैं। मनमानी दर वसूली और दबंगई के चलते ग्रामीण उपभोक्ताओं की जेबें खाली होती जा रही हैं।
सुराप्रेमियों का कहना है कि शराब दुकान संचालन में बदलाव आवश्यक है, ताकि ग्रामीण उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। अब देखना होगा कि प्रशासन कब जागता है और अवैध वसूली पर प्रभावी रोक लगाता है।
