किसानों की समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन से की सीधी पहल
- टोकन में देरी और कम खरीदी लिमिट से परेशान किसानों को मिला भरोसा
- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिया शीघ्र समाधान का आश्वासन
मूक पत्रिका/बीजापुर। बीजापुर जिले के आवापल्ली क्षेत्र में स्थित धान खरीदी केंद्र का गत दिवस क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य शंकरैया मड़वी ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने धान बेचने पहुँचे मेहनतकश अन्नदाता किसानों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। निरीक्षण के समय बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे, जिन्होंने धान खरीदी प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों से श्री मड़वी को अवगत कराया।

किसानों ने बताया कि धान बिक्री के लिए टोकन जारी होने में अत्यधिक देरी हो रही है, जिसके कारण उन्हें कई-कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, धान खरीदी की लिमिट कम होने से किसानों को अपनी पूरी उपज बेचने में परेशानी हो रही है। इससे न केवल किसानों का समय नष्ट हो रहा है, बल्कि उन्हें मानसिक और आर्थिक दबाव का भी सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने यह भी कहा कि खरीदी केंद्र में प्रक्रिया धीमी होने से रोजमर्रा की कृषि गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
किसानों की इन वास्तविक और जायज समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत सदस्य शंकरैया मड़वी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से चर्चा की तथा त्वरित समाधान के लिए कलेक्टर के माध्यम से संबंधित खाद्य विभाग के अधिकारियों और छत्तीसगढ़ सरकार के यशस्वी उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के संज्ञान में पूरा विषय रखा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अन्नदाता किसानों की समस्याओं का समाधान शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं की जाएगी।
इस संबंध में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किसानों की समस्याओं पर संवेदनशीलता दिखाते हुए धान खरीदी की लिमिट शीघ्र बढ़ाने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान खरीदी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुचारू रूप से संचालित किया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

निरीक्षण के दौरान शंकरैया मड़वी ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अन्नदाता किसानों की मेहनत और अधिकारों की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिले, इसके लिए वे लगातार प्रशासन और शासन स्तर पर प्रयास करते रहेंगे। भविष्य में भी यदि किसानों को किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे स्वयं उनके साथ खड़े रहेंगे और समाधान होने तक संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के किसानों की आवाज को हर मंच पर मजबूती से उठाया जाएगा और धान खरीदी से जुड़ी सभी समस्याओं का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
