दैनिक मूक पत्रिका केशकाल (कांकेर) — एनएच-30 केशकाल मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर एक बार फिर जनता का गुस्सा भड़क उठा है। लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग पूरी न होने और स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन की अनदेखी से नाराज़ नागरिक अब आंदोलन के मूड में हैं। रविवार रात बस स्टैंड में हुई जनसभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 5 नवंबर को केशकाल नगर बंद रहेगा, जबकि 8 नवंबर को एनएच-30 पर चक्काजाम किया जाएगा।
सोमवार को नगरवासियों और व्यापारी संघ के प्रतिनिधियों ने मिलकर एसडीएम आकांक्षा नायक को ज्ञापन सौंपा और सड़क निर्माण शीघ्र शुरू करने का अल्टीमेटम दिया। एसडीएम ने जेसीबी से सड़क समतलीकरण और नियमित पानी छिड़काव करवाने का आश्वासन दिया है।

स्थानीय व्यापारी याकूब मेमन ने बताया कि सड़क पर दिनभर उड़ती धूल से व्यापार बुरी तरह प्रभावित है। दीपावली जैसे त्योहार के दौरान भी ग्राहकों की आवाजाही घट गई है। उन्होंने कहा — “अब हालात ऐसे हैं कि दुकान में बैठना मुश्किल हो गया है, सड़क का निर्माण तत्काल जरूरी है।”
विहिप बजरंग दल के नेता नीरज अग्निहोत्री ने कहा कि जनता की समस्याओं के प्रति प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय में कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो व्यापक स्तर पर चक्काजाम किया जाएगा।
वहीं व्यापारी ठाकुर राम चौधरी ने बताया कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा — “सुबह दुकान साफ करते हैं, शाम तक फिर धूल की परत जम जाती है। सांस लेने में तकलीफ हो रही है, बच्चों को भी स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है।”
जनता का कहना है कि अब आंदोलन ही आखिरी विकल्प बचा है। अब देखना यह है कि प्रशासन जनाक्रोश को समझते हुए समय रहते सड़क निर्माण शुरू करवाता है या फिर जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।
