भैरमगढ़/बीजापुर | जिले के नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में प्रशासन की सक्रिय मौजूदगी एक बार फिर देखने को मिली। शुक्रवार को कलेक्टर और जिला सीईओ ने भैरमगढ़ अनुविभाग के अंदरूनी इलाकों का दौरा किया और CRPF कैंपों में ग्रामीणों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। प्रशासनिक दल फुंडरी पुलिया होते हुए नियद नेल्लानार ग्राम पंचायत के बेलनार स्थित CRPF कैंप पहुंचा, जहां ग्रामीणों से बातचीत की गई। इसके बाद चिंगेर पंचायत के पल्लेवाया CRPF कैंप में चिंगेर, पल्लेवाया, निराम और तालिकोड़ गांवों के ग्रामीणों से चर्चा की गई।

सड़क, पुल, बिजली और स्कूल की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर के समक्ष सड़क और पुल-पुलिया निर्माण, बिजली सुविधा, आंगनबाड़ी भवन, स्कूल और धान खरीदी केंद्र जैसी बुनियादी जरूरतों को रखा। कलेक्टर ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक स्वीकृति जल्द देने का भरोसा दिलाया।
ताकिलोड़ और धरमा गांव का निरीक्षण
पल्लेवाया CRPF कैंप से सुरक्षा जवानों के साथ दोपहिया वाहन से तालिकोड़ गांव का भ्रमण किया गया। इसके बाद ग्राम पंचायत बेल के आश्रित गांव धरमा में स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया गया।
पहली बार धरसा तक पहुंचा प्रशासन
यह पहली बार है जब पल्लेवाया CRPF कैंप से ताकिलोड होते हुए धरमा गांव तक कलेक्टर का दौरा हुआ। इससे क्षेत्र के लोगों में प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ा है और नक्सल भय के माहौल में कमी के संकेत मिले हैं। साथ ही इसे इलाके में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

इस दौरान कलेक्टर के साथ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भैरमगढ़, जनपद पंचायत भैरमगढ़ के सीईओ, पीआरओ, संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच-सचिव और सुरक्षा बल के जवान मौजूद रहे।
