धान खरीदी सर्वोच्च प्राथमिकता, किसी भी लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई : कलेक्टर रणवीर शर्मा
समय-सीमा बैठक में कलेक्टर का निर्देश — सभी विभाग जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ करें कार्य
दैनिक मूक पत्रिका बेमेतरा- बीते मंगलवार सुबह 10.30 बजे बेमेतरा जिला कार्यालय स्थित दिशा सभाकक्ष में कलेक्टर रणवीर शर्मा की अध्यक्षता में समय-सीमा की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं, विभागीय कार्यों की प्रगति, धान खरीदी की वर्तमान स्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर, खनिज नियंत्रण तथा प्रमुख केंद्रीय एवं राज्य योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बैठक की शुरुआत में सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सौंपी गई जिम्मेदारियों का पालन गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि पदेन दायित्वों के निर्वहन में किसी भी स्तर पर शिथिलता, उदासीनता या लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी।
धान खरीदी पर कलेक्टर का कड़ा रुख – “किसानों के हित में किसी भी ढिलाई को स्वीकार नहीं किया जाएगा”
कलेक्टर शर्मा ने बैठक में जिले में संचालित धान खरीदी की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन स्तर से किसानों से शत-प्रतिशत धान खरीदी राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों, समिति प्रबंधकों और संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सभी उपार्जन केंद्रों में व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित हो। किसानों को धान विक्रय में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, त्वरित और व्यवस्थित रूप से संचालित की जाए। कलेक्टर ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता, अव्यवस्था या लापरवाही बिल्कुल भी क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी धान खरीदी में शिथिलता बरतता है तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने यह भी कहा कि समिति स्तर पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर तुरंत जिम्मेदारी तय कर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
स्वास्थ्य विभाग को मिली हिदायत – “मानवीय संवेदना के साथ करें मरीजों की सेवा”
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाएँ जनता की मूलभूत आवश्यकताओं में से एक हैं। उन्होंने कहा मरीजों की देखभाल सहानुभूतिपूर्ण और संवेदनशील व्यवहार के साथ करें। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित हो।
चिकित्सक निर्धारित समय पर अपने सेवा केंद्रों पर उपस्थित रहें और आपातकालीन स्थितियों में तत्परता बनाए रखें। कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सीधे आम जनता को प्रभावित करती है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
अवैध रेत व मुरूम उत्खनन पर तुरंत कार्रवाई का निर्देश
खनिज विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिले में अवैध रेत एवं मुरूम उत्खनन पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध उत्खनन की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई करें। उत्खनन में उपयोग हो रहे मशीन, वाहन व उपकरणों को तत्काल जब्त करें। संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध जुर्माना एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और राज्य के राजस्व की हानि रोकने के लिए सख्त कार्रवाई आवश्यक है।
‘प्रधानमंत्री सूर्य बिजली घर योजना’ में धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने जताई नाराज़गी
बैठक के दौरान कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्य बिजली घर योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की और विद्युत विभाग द्वारा प्रदर्शित उदासीनता पर कड़ी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि विभाग आगामी एक माह में निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में पूर्ण करे। विलंब के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर अत्यंत कठोर कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने इसे अंतिम चेतावनी बताते हुए कहा कि समय सीमा का पालन अनिवार्य है।
अन्य योजनाओं पर भी दिए महत्वपूर्ण निर्देश
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अंतर्गत सभी पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें तत्काल लाभान्वित किया जाए। शासकीय उचित मूल्य दुकानें अंतर्गत सभी राशन दुकानों का संचालन स्व सहायता महिला समूहों को सौंपने की प्रक्रिया तेज की जाए। लापरवाही बरतने वाले संचालकों को तुरंत हटाया जाए। शिक्षा विभाग मे शिक्षक अध्ययन-अध्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के लिए मार्गदर्शन दें। प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु विशेष कोचिंग एवं सलाह प्रदान करें। लीड बैंक अधिकारीयों को ऋण स्वीकृति में अनावश्यक विलंब न करें। लापरवाही पाए जाने पर बैंक अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
कलेक्टर रणवीर शर्मा ने बैठक के अंत में पुनः स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का प्रभाव सीधे जनता तक पहुँचना चाहिए, और इसके लिए प्रत्येक अधिकारी को ईमानदारी, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि आगामी समीक्षा बैठक में प्रत्येक विभाग अपेक्षित प्रगति प्रस्तुत करने के लिए पूरी तैयारी के साथ उपस्थित हो। इस प्रकार समय-सीमा की बैठक महत्वपूर्ण निर्णयों, सख्त निर्देशों और जनहितकारी उपायों के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।
