मूक पत्रिका छत्तीसगढ़ – बालोद जिला का एक छोटा-सा गांव मेढकी इन दिनों अपने सख्त और अनोखे सामाजिक फैसलों को लेकर सुर्खियों में है। गांव में शांति और सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से ग्रामीणों ने सामूहिक बैठक कर चुगली करने वालों पर 5001 रुपये का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है। यह नियम गांव में अनिवार्य रूप से लागू कर दिया गया है।
चुगली से बढ़ा विवाद, बैठक में निकला समाधान
ग्रामीणों के अनुसार, कुछ हफ्ते पहले चुगली और आपसी टिप्पणियों के चलते गांव में दो पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई थी। सार्वजनिक स्थानों पर एक-दूसरे के खिलाफ कही गई बातों ने माहौल को तनावपूर्ण कर दिया। हालात बिगड़ते देख गांव की सामूहिक बैठक बुलाई गई, जिसमें सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि चुगली करने पर 5001 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

गांव की शांति और भाईचारा प्राथमिकता
इस फैसले को लेकर सरपंच मंजूलता परस साहू, ग्राम पटेल होरी लाल गजपाल, ग्राम विकास समिति अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव, समाजसेवी धनराज साहू और चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि गांव का माहौल खराब न हो और आपसी भाईचारा बना रहे, इसी उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ लोग बार-बार एक-दूसरे की चुगली कर विवाद के हालात पैदा कर रहे थे। इसी को मद्देनज़र रखते हुए गांव ने अपने स्तर पर नियम बनाकर उन्हें सख्ती से लागू किया है।
शराब पीने पर 10 हजार का जुर्माना
मेढकी गांव में इससे पहले भी शराब को लेकर कड़े नियम बनाए जा चुके हैं। नियम के तहत सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। इतना ही नहीं, ऐसे व्यक्ति की सूचना देने वाले को इनाम देकर सम्मानित भी किया जाता है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर जिले के कलेक्टर अजय किशोर ने कहा कि गांव वालों ने यह निर्णय अपनी बेहतरी और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से लिया होगा। यह गांव समिति का आंतरिक नियम है, इस पर प्रशासन की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती।
मेढकी गांव का यह फैसला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां ग्रामीण अपने स्तर पर सामाजिक अनुशासन कायम कर शांति और सौहार्द की मिसाल पेश कर रहे हैं।
