दैनिक मूक पत्रिका कांकेर – बस्तर संभाग में जारी पंचायत सचिव भर्ती प्रक्रिया को लेकर ग्राम रोजगार सहायकों ने गंभीर आपत्ति जताते हुए भर्ती पर रोक लगाने एवं नियमों में संशोधन की मांग की है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ ग्राम रोजगार सहायक संघ, जिला उत्तर बस्तर कांकेर द्वारा उपमुख्यमंत्री (पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग) को विस्तृत ज्ञापन भेजा गया है।
संघ का कहना है कि सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और कांकेर जिलों में जारी भर्ती विज्ञापनों में वर्ष 2006 से मनरेगा में कार्यरत ग्राम रोजगार सहायकों के लंबे अनुभव को न तो वरीयता दी गई है और न ही किसी प्रकार का अंक लाभ शामिल किया गया है। लगभग 20 वर्षों से ग्राम पंचायतों में लगातार सेवाएँ दे रहे रोजगार सहायकों ने इस प्रक्रिया को उनके साथ अन्याय बताया है।
रोजगार सहायकों ने यह भी स्पष्ट किया कि लंबे समय से पंचायत व्यवस्था में कार्य करते-करते अनेक साथी अब उम्रदराज हो चुके हैं, ऐसे में उनके अनुभव को नज़रअंदाज़ करना भविष्य की संभावनाओं को सीमित करता है। इसी आधार पर संघ ने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखी हैं-संघ की प्रमुख मांगें 1. पंचायत सचिव भर्ती में ग्राम रोजगार सहायकों को अनुभव आधारित अधिकतम 30 अंक प्रदान किए जाएं।

- ग्राम रोजगार सहायकों के लिए संविदा आदेश शीघ्र जारी किए जाएं।
- सचिव भर्ती में रोजगार सहायकों को वरीयता देकर संविलियन की प्रक्रिया लागू की जाए।
संघ ने आशा जताई है कि शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर न्यायोचित निर्णय लेगा।
