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कलेक्टर के माध्यम से सौंपा गया ज्ञापन
बीजापुर| बस्तर संभाग में संचालित पोटाकेबिन (पी.एम.श्री / नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय) में कार्यरत अनुदेशकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन पोटाकेबिन अनुदेशक/भृत्य कल्याण संघ, बस्तर संभाग के बैनर तले दिया गया।
71 विद्यालयों में 40 हजार विद्यार्थियों को दे रहे शिक्षा
संघ पदाधिकारियों ने बताया कि बस्तर संभाग में वर्ष 2009-10 से कुल 71 पोटाकेबिन आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें लगभग 40 हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों में करीब 900 अनुदेशक कार्यरत हैं, जो दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

24 घंटे सेवा के बावजूद पार्ट-टाइम का दर्जा
अनुदेशकों का कहना है कि वे 24 घंटे आवासीय व्यवस्था में रहकर नियमित अध्यापन के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, खेल-कूद, योग, कंप्यूटर शिक्षा, बच्चों की देख-रेख, प्रशासनिक कार्य एवं शासन के दिशा-निर्देशों का पालन पूरी निष्ठा से कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें आज भी पार्ट-टाइम शिक्षक मानते हुए मात्र 16 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक और मानसिक रूप से प्रभावित हैं।
24 घंटे काम की अंडरटेकिंग को लेकर असंतोष
अनुदेशकों ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हाल ही में संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा उन पर 24 घंटे कार्य करने का स्व-घोषणा पत्र (अंडरटेकिंग) देने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि केंद्र सरकार उन्हें पार्ट टाइम शिक्षक मानती है। अनुदेशकों का आरोप है कि जो शिक्षक इस दबाव का विरोध करता है, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाती है, जबकि अन्य मामलों में ऐसा नहीं होता।यह कि पूरी तरह दबाव बनाकर कार्य कराया जा रहा है।
चार सूत्रीय प्रमुख मांगें रखीं
ज्ञापन के माध्यम से अनुदेशकों ने शासन के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखीं—
1. आगामी शिक्षक भर्ती में डी-एड/बी-एड की शिथिलता देते हुए समस्त अनुदेशकों का मर्ज/नियमितीकरण किया जाए।
2. वित्तीय वर्ष 2026-27 के पीएबी में मानदेय 16 हजार से बढ़ाकर 40 हजार रुपये करने हेतु केन्द्र शासन को प्रस्ताव भेजा जाए।
3. पूर्णकालिक कार्य के बावजूद पार्ट-टाइम शिक्षक बताए जाने की वास्तविक स्थिति से शासन को अवगत कराया जाए।
4. अनुदेशकों से 24 घंटे सेवा न लेकर केवल कार्यदिवस समय में ही कार्य लिया जाए।
बेहतर परीक्षा परिणाम, फिर भी उपेक्षा
संघ पदाधिकारियों ने बताया कि पोटाकेबिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम लगातार बेहतर रहा है, जिसके चलते शासन द्वारा कई विद्यालयों को हाई स्कूल स्तर तक उन्नत किया गया है। इन विद्यालयों के अनेक पूर्व छात्र आज उच्च शिक्षा एवं विभिन्न सेवाओं में चयनित होकर समाज और देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
शीघ्र निर्णय की मांग
अनुदेशकों ने शासन से अपील की है कि उनके लंबे सेवाकाल, समर्पण और योगदान को ध्यान में रखते हुए चारों मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था और अधिक सशक्त हो सके।
