सड़क पर नियम, तो सुरक्षित जीवन
बीजापुर । न्यू पुलिस लाइन में शनिवार को यातायात जागरूकता माह 2026 का समापन हुआ। माह भर चले कार्यक्रमों का मकसद साफ रहा कि सड़क पर चलते वक्त नियमों को बोझ नहीं, आदत बनाया जाए। कार्यक्रम में मौजूद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आईपीएस अमन कुमार झा ने कहा कि ज्यादा हादसे लापरवाही की वजह से होते हैं। हेलमेट, सीट बेल्ट और तय गति जैसे नियम अपनी सुरक्षा के लिए हैं, न कि चालान के डर से मानने के लिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे खुद भी नियम मानें और दूसरों को भी समझाएं।

पुलिस, छात्र और आम लोग एक मंच पर
कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक व यातायात नोडल अधिकारी विनीत कुमार साहू, यातायात प्रभारी केशव ठाकुर, सहायक उप निरीक्षक विजय मंडावी, रोड सेफ्टी सेल से अवध सिन्हा, महिला सेल से एएसआई पूनम शर्मा, साइबर सेल से भारती देवांगन सहित पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। पत्रकारों सिरोजu विश्वकर्मा, आशीष पदमवार, नवीन दुर्गम और पुष्पा रोकड़े के साथ रेड क्रॉस, स्कूलों के बच्चे, शिक्षक, पुनर्वास केंद्र के आत्मसमर्पित माओवादी और यातायात स्टाफ भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
जिन्होंने मदद की, उन्हें मंच पर बुलाया
सड़क हादसों में घायलों की मदद कर उन्हें अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों कुशल चोपड़ा, प्रसून शर्मा, ईश्वर सोनी, गणेश मिश्रा, फिरोज विश्वकर्मा, आशीष पदमवार, के. संतोष, पुष्पा रोकड़े, नवीन दुर्गम और सुरेश पत्तागिरी को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह में सहयोग देने वालों सुनीता तामडी, नारवेद सिंह, हर्षिता पांडा, नारायण विश्वकर्मा, पूनम शर्मा, पुष्कर नाग और पदमा बघेल को भी सम्मान मिला।

बच्चों की भागीदारी रही खास
दौड़, भाषण, चित्रकला और रंगोली प्रतियोगिताओं में बच्चों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पुनर्वास केंद्र में प्रशिक्षण ले रहे आत्मसमर्पित माओवादियों ने भी प्रतियोगिताओं में भाग लिया और पुरस्कार जीते। भाषण में मानसी राणा, बसंत कवासी और खुशी यादव अव्वल रही। चित्रकला में लिप्सा झाड़ी, दीपिका और आशा धुर्वा को पुरस्कार मिला। रंगोली प्रतियोगिता में सुरेश सिंह और चांदनी पहले, खुशी और सरोजिनी दूसरे तथा गुनगुन और निशा तीसरे स्थान पर रहे।
हादसों में आई कमी
यातायात नोडल अधिकारी विनीत कुमार साहू ने बताया कि लगातार जागरूकता कार्यक्रमों और चालानी कार्रवाई का असर दिखा है। साल 2025 में जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई। लोगों तक संदेश पहुंचाने के लिए महिला क्रिकेट प्रतियोगिता जैसे आयोजन भी किए गए। अंत में उन्होंने बताया कि सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया और कहा कि सड़क सुरक्षित तभी होगी जब हर व्यक्ति नियमों को अपनी जिम्मेदारी समझे।



