मूक पत्रिका रायगढ़ – जिले की पुसौर तहसील में चिकित्सा जगत का एक अद्भुत मामला सामने आया है, जिसने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति एक नया विश्वास जगाया है। पुसौर नगर पंचायत स्थित लोकेश हॉस्पिटल ने सीमित संसाधनों वाले क्षेत्र में एक बड़ी मिसाल पेश करते हुए एक महिला के पेट से लगभग छह किलोग्राम वजनी विशाल ट्यूमर निकालकर उसे मौत के मुंह से बाहर खींच लिया। तहसील स्तर पर इतनी जटिल सर्जरी का सफल होना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
पीड़ित महिला पिछले लंबे समय से पेट में असहनीय दर्द और भारीपन से जूझ रही थी।
सामान्य जांच और उपचार के बाद जब राहत नहीं मिली, तो गहन चिकित्सकीय परीक्षण में पेट के भीतर एक असामान्य रूप से बड़े ट्यूमर की पुष्टि हुई। यह ट्यूमर समय के साथ गंभीर रूप ले चुका था और मरीज की जान पर खतरा बना हुआ था। आमतौर पर ऐसे जटिल और जोखिम भरे ऑपरेशनों के लिए मरीजों को बड़े महानगरों या जिला मुख्यालय के बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, लेकिन पुसौर जैसे नगर पंचायत स्तर पर इस चुनौती को स्वीकार करना चिकित्सकों के आत्मविश्वास को दर्शाता है।
यह जटिल ऑपरेशन स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. राघवेंद्र महिलांगे, निश्चेतन विशेषज्ञ डॉ. अशोक सिंह सिदार और उनकी मेडिकल टीम के कुशल नेतृत्व में अंजाम दिया गया। घंटों चली इस सर्जरी में चिकित्सकों ने बेहद सावधानी और दक्षता के साथ ट्यूमर को शरीर से अलग किया। अस्पताल प्रबंधन के डॉ. राजीव गुप्ता के नेतृत्व में यह संस्थान पहले भी आंतों का कैंसर, थायरॉयड, लिवर में गांठ, अंदरूनी हर्निया और ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की सफल शल्यक्रियाएं कर चुका है। यह नवीनतम सर्जरी अस्पताल की उपलब्धियों की सूची में एक और मील का पत्थर साबित हुई है।
इस पूरे प्रकरण का सबसे संवेदनशील पहलू यह रहा कि मरीज अत्यंत निर्धन और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से थी। इसे देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने व्यावसायिकता से ऊपर मानवता को रखते हुए महिला का पूर्णतः निःशुल्क उपचार करने का निर्णय लिया। फिलहाल मरीज की स्थिति स्थिर है और वह तेजी से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रही है। पुसौर क्षेत्र में हुई इस सफल सर्जरी ने यह संदेश दिया है कि यदि समर्पण और सेवा भावना हो, तो सुदूर अंचलों में भी विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान कर असंभव को संभव बनाया जा सकता है।
