
केशकाल। सरस्वती शिशु मंदिर अड़ेगा में आज विद्यालय स्तर पर राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति के सुरों से गुंजायमान हो उठा, जब विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से “वंदे मातरम्” का भावपूर्ण गायन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना से हुई, जिसके पश्चात विद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने सामूहिक स्वर में राष्ट्रीय गीत प्रस्तुत किया। गीत की गूंज ने पूरे वातावरण को देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया। तत्पश्चात शिक्षिका सुश्री रंजिला ने विद्यार्थियों को “वंदे मातरम्” गीत के इतिहास, महत्व और इसके रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यह गीत भारत की स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा रहा है, जिसने असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों को देशप्रेम की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी अपने विचार रखे और गीत के अर्थ को समझने का संकल्प लिया। अंत में प्रधानाचार्य ने कहा कि “वंदे मातरम्” केवल एक गीत नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, मातृभूमि और राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है। इस अवसर पर सभी शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाया।
