बिना हेलमेट–जूते–दस्ताने खदान में उतारे जा रहे श्रमिक, नाबालिग से भी कराया जा रहा खतरनाक काम
दैनिक मूक पत्रिका बलरामपुर – जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सेरंगदाग स्थित बालाजी मार्बल्स टाइल्स प्राइवेट लिमिटेड की बॉक्साइट माइंस में शासन की सुरक्षा गाइडलाइन को खुलेआम ताक पर रखकर खनन कराया जा रहा है। यहां मजदूरों से बिना किसी सुरक्षा उपकरण के जोखिम भरा काम कराया जा रहा, जिससे उनकी जान हर पल खतरे में बनी हुई है।

मजदूरों ने बताया कि उन्हें आज तक हेलमेट, जूते, दस्ताने और सेफ्टी ड्रेस उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। जूते का नाप लिए हुए दो महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं की गई। जब भी मजदूर सुरक्षा सामग्री की मांग करते हैं, उन्हें सिर्फ आश्वासन देकर टाल दिया जाता है।
खदान परिसर में जहां करीब 25 मजदूर कार्यरत हैं, वहां नियमानुसार प्राथमिक उपचार किट (मेडिकल किट) की व्यवस्था अनिवार्य है, लेकिन ग्राउंड पर यह सुविधा नदारद पाई गई। माइंस मैनेजर का यह कहना कि मेडिकल किट गाड़ी में रहती है – यह बात खुद हालात की गंभीरता को उजागर करती है।
साफ पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है, वहीं पानी छिड़काव (डस्ट कंट्रोल) जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं की जा रहीं, जिससे धूल मजदूरों के फेफड़ों और शरीर में लगातार जा रही है और वे गंभीर बीमारियों की ओर धकेले जा रहे हैं।
मजदूरों का सवाल है — अगर हमें कुछ हो गया, तो हमारी जिम्मेदारी कौन लेगा?
स्थानीय मजदूरों ने यह भी खुलासा किया कि खदान में एक नाबालिग लड़के से भी काम कराया जा रहा, जो सीधे तौर पर श्रम कानूनों का उल्लंघन है।
जब इस मामले में कंपनी के मैनेजर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें आए कुछ ही दिन हुए हैं और पहले से सुरक्षा सामग्री दी जाती थी, आगे सभी कमी जल्द पूरी की जाएगी।
वहीं, माइनिंग ऑफिसर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया, जिससे उनका पक्ष दर्ज नहीं हो सका।
अब बड़ा सवाल यह है कि इस खबर के सामने आने के बाद प्रशासन मजदूरों की जान की कीमत समझेगा या फिर यह मामला भी बाकी फाइलों की तरह दबा दिया जाएगा?
