दैनिक मूक पत्रिका कोंडागांव – प्रकृति से जुड़ा यह छत्तीसगढ़ प्रदेश का पहला त्यौहार हरेली है, जो पूरे प्रदेश में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है । हरेली त्योहार के अवसर पर आदिवासी समाज के लोगों ने गोटूल में एकत्रित होकर खाली पड़े स्थानों पर विविध प्रकार के फलदार पौधा जैसे इमली, आम, सिहाडी, बीजा, कोसुम, जामुन, पौधा लगाया गया इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण हरियाली बढाना तथा ग्रामीणों में प्रकृति के प्रति जागरूकता लाना, साथ ही यह पहल सामाजिक एकता सांस्कृतिक जागरूकता लाना भी है। धीरे धीरे जल जंगल जमीन और पर्यावरण नष्ट होने की कगार पर है । जैसे जलवायु असंतुलन जैवविविधता में कमी और मानव जीवन पर गम्भीर प्रभाव पड़ रहा है इन्हीं समस्याओ को ध्यान में रखते हुए जंगल की महत्व के प्रति जागरूक करने व संरक्षित करने के उद्देश्य से बुम गोटुल लया लयोरो ने वृक्षारोपण किये इस अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्रकृति की रक्षा करना हम सभी की सामुहिक जिम्मेदारी है और प्रत्येक लगाया गया पौधा भविष्य को संवारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है
वृक्षारोपण कार्यक्रम में मारी क्षेत्र सहित 18 गांव के गोटुल लया लयोर। सामाजिक कार्यकर्ता स्थानीय जनप्रतिनिधियों कर्मचारी एंव
बुम मुदिया सिरहा बुद्धेश्वर कोरेटी रमेश कोरेटी सामलाल कोरेटी संजू कावडे प्रभू तेता रोहित कोमरा गणेश कुमेटी दिपेश पददा लखमू कोमरा महेन्द्र मन्डावी राजेश आचला अमृता कुमेटी वार्ड पंच प्रमेश्वरी बिरेंद्र नाग शिवनाथ नाग अनिल कुजांम सरपंच सुनिता कावडे आर्मी जवान रतिराम नेताम उर्मीला समेत समस्त लया लयोर एंव ग्रामीण उपस्थित थे।
