मूक पत्रिका आशीष कंठले रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अष्टम (बजट) सत्र की तैयारियों एवं प्रस्तावित कार्यसूची को लेकर शनिवार को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पत्रकार वार्ता कर विस्तृत जानकारी दी। यह पत्रकार वार्ता उनके निवास कार्यालय ई-1 स्पीकर हाउस, शंकर नगर, रायपुर में आयोजित की गई।
अध्यक्ष ने बताया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से 20 मार्च 2026 तक आहूत किया गया है, जिसमें कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। सत्र का शुभारंभ सोमवार, 23 फरवरी 2026 को पूर्वाह्न 11:05 बजे माननीय राज्यपाल के अभिभाषण से होगा। राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पर चर्चा बुधवार, 25 फरवरी को की जाएगी। अभिभाषण का सीधा प्रसारण दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के माध्यम से किया जाएगा, जिससे प्रदेश की जनता भी सत्र की कार्यवाही से सीधे जुड़ सकेगी।
विधि-विषयक कार्य
सत्र के दौरान शासन द्वारा दो महत्वपूर्ण विधेयकों की सूचना विधानसभा को प्राप्त हुई है—
छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक, 2026
छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक, 2026
इन विधेयकों पर सत्र के दौरान चर्चा एवं आवश्यक विधायी कार्यवाही की जाएगी।
प्रश्न एवं अन्य संसदीय कार्य
अध्यक्ष ने बताया कि इस सत्र के लिए माननीय सदस्यों से कुल 2813 सूचनाएँ प्राप्त हुई हैं, जो सत्र की सक्रियता को दर्शाती हैं। इनमें—
तारांकित प्रश्न — 1437
अतारांकित प्रश्न — 1376
इसके अतिरिक्त—
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव — 61
नियम 139 के तहत अल्पकालिक लोक महत्व विषय पर चर्चा — 01
अशासकीय संकल्प — 13
शून्यकाल सूचनाएँ — 09
याचिकाएँ — 112
वित्तीय कार्यों का कार्यक्रम
वित्तीय वर्ष 2026–27 का आय-व्ययक (बजट) राज्य के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को अपराह्न 12:30 बजे प्रस्तुत किया जाएगा। बजट भाषण का सीधा प्रसारण दूरदर्शन रायपुर और आकाशवाणी रायपुर से भी किया जाएगा।
बजट से संबंधित कार्यक्रम इस प्रकार निर्धारित किया गया है—
26 एवं 27 फरवरी — आय-व्ययक पर सामान्य चर्चा
9 से 17 मार्च — विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा
17 मार्च — विनियोग विधेयक का पुनःस्थापन
18 मार्च — विनियोग विधेयक पर चर्चा एवं पारण
गरिमामय संचालन का भरोसा
पत्रकार वार्ता में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मीडिया प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सत्र का संचालन सुचारु, शांतिपूर्ण और गरिमामय तरीके से होगा। उन्होंने कहा कि सभी सदस्य जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा कर प्रदेश के विकास में योगदान देंगे।
यह बजट सत्र आगामी वित्तीय वर्ष की योजनाओं, नीतियों और विकास कार्यों की दिशा तय करने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है l
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नियम और शर्तों की जानकारी दी।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक कवासी लखमा को सदन में शामिल होने की अनुमति दिए जाने के संबंध में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में नियम और शर्तों की जानकारी दी।
अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह अनुमति न्यायालय के आदेश और विधानसभा के नियमों के अनुरूप दी गई है तथा इसके लिए कड़े प्रोटोकॉल निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कवासी लखमा केवल विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने के उद्देश्य से ही परिसर में प्रवेश कर सकेंगे।
बताई गई प्रमुख शर्तें
1.विधायक को निर्धारित समय पर ही विधानसभा परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी।
2.वे केवल सदन की कार्यवाही में भाग लेने तक सीमित रहेंगे।
3.कार्यवाही समाप्त होते ही उन्हें तत्काल परिसर से बाहर जाना होगा।
4.विधानसभा भवन के अन्य भागों में जाने की अनुमति नहीं होगी।
5.सुरक्षा एजेंसियों द्वारा निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य होगा।
6.मीडिया या अन्य व्यक्तियों से अनधिकृत मुलाकात की अनुमति नहीं होगी (यदि सुरक्षा कारणों से प्रतिबंधित हो)।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सदन की गरिमा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी निर्णय नियमों और कानून के दायरे में रहते हुए ही लिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की आवाज सदन तक पहुँचाने का अवसर मिलना चाहिए, लेकिन इसके साथ ही कानूनी प्रक्रियाओं और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन भी आवश्यक है।
विधानसभा अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि सत्र की कार्यवाही शांतिपूर्ण और गरिमामय ढंग से संचालित होगी तथा सभी सदस्य संसदीय परंपराओं का पालन करेंगे।
