दैनिक मूक पत्रिका छत्तीसगढ़ – बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना परिसर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कानून के रखवालों पर ही कानून तोड़ने का आरोप लगा है। थाने के अंदर एक एएसआई द्वारा फरियादी की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी एएसआई को सस्पेंड कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी एएसआई का नाम दिनेश तिवारी है, जबकि पीड़ित युवक विनोद जायसवाल बताया जा रहा है। घटना 12 अप्रैल की बताई जा रही है, जिसका वीडियो अब वायरल होने के बाद चर्चा का केंद्र बन गया है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एएसआई दिनेश तिवारी थाने के अंदर ही फरियादी को लगातार थप्पड़ मार रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फरियादी को 15 से 20 थप्पड़ मारे गए, जिससे थाना परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि पीड़ित विनोद जायसवाल लंबे समय से अपनी शिकायत की जांच रिपोर्ट के लिए थाने के चक्कर काट रहे थे। आरोप है कि एएसआई ने रिपोर्ट तैयार करने के नाम पर उनसे पैसे भी लिए थे। बावजूद इसके जब काम में देरी हुई और फरियादी ने सवाल उठाए, तो एएसआई ने अपना आपा खो दिया और थाने के भीतर ही उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
घटना के दौरान थाने में मौजूद प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी अंशिका जैन ने मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप किया। उन्होंने स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया और मामला शांत कराया। उनके समय पर हस्तक्षेप से स्थिति और ज्यादा बिगड़ने से बच गई।
वीडियो वायरल होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके आदेश पर आरोपी एएसआई दिनेश तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इस घटना ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस थाने में आम जनता न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचती है, वहीं अगर उनके साथ इस तरह का व्यवहार हो, तो यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल बनता है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
