दैनिक मूक पत्रिका सुकमा। जिले में किसानों की सुविधा और पारदर्शिता को बढ़ाने के उद्देश्य से 15 नवंबर से तुंहर टोकन मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन जारी करने की नई व्यवस्था लागू की जा रही है। यह पहल न केवल तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि इससे किसानों को पारदर्शी, सुरक्षित और सुगम प्रणाली का लाभ मिलेगा। नई व्यवस्था के तहत प्रतिदिन सुबह 8 बजे से किसान तुंहर टोकन मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं टोकन प्राप्त कर सकेंगे। सोसायटी संचालक भी पिछले वर्ष की तरह सुबह 9:30 बजे से टोकन जारी करना शुरू करेंगे।
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अगले 7 खरीदी दिनों के लिए अग्रिम टोकन जारी किए जा सकेंगे। कलेक्टर ने बताया कि टोकन में दर्ज धान की मात्रा डीसीएस, गिरदावरी, पीवी के अनुसार पंजीकृत रकबे से अधिक नहीं होगी, जिससे खरीदी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे। लघु और सीमांत किसानों को अधिकतम 2 टोकन तथा बड़े किसानों को अधिकतम 3 टोकन की अनुमति दी गई है। यह व्यवस्था छोटे किसानों को प्राथमिकता देने और खरीदी प्रक्रिया में संतुलन बनाए रखने की दृष्टि से की गई है। टोकन जारी करने के दौरान आधार-आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण को अनिवार्य किया गया है, जिससे प्रत्येक किसान की पहचान सत्यापित होगी और अनधिकृत टोकन पर रोक लगेगी।
सुकमा कलेक्टर कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि इस डिजिटल प्रणाली से खरीदी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और किसान हितैषी बनेगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक किसान को बिना किसी परेशानी के उसका उचित अधिकार और सुविधा समय पर प्राप्त हो। यह पहल शासन की डिजिटल छत्तीसगढ़ और पारदर्शी प्रशासन की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
