दैनिक मूक पत्रिका बीजापुर – कलेक्टर संबित मिश्रा की अध्यक्षता में बीते मंगलवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक आयोजित हुई। उन्होंने सभी विभागों को जिले में चल रहे शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाने के सख्त निर्देश दिए और कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। बैठक की शुरुआत में कलेक्टर ने पुनर्वास केंद्र की समीक्षा की, जहां आत्मसमर्पित नक्सली युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि इन युवाओं को सभी शासकीय योजनाओं से जोड़ते हुए शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए शिविर आयोजित कर योजनाओं की जानकारी, सब्सिडी लाभ और आवश्यक दस्तावेज़ जैसे राशन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक खाता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। मिश्रा ने नक्सल प्रभावित परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए उन्हें भी विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने नियद नेल्लानार योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सैचुरेशन शिविर आयोजित कर सर्वे और डैशबोर्ड एंट्री का कार्य समय पर पूरा किया जाए। साथ ही स्वीकृत अधोसंरचना कार्यों को तय समयसीमा में पूर्ण करने को कहा। बैठक में पोषण पुनर्वास केंद्र में गंभीर कुपोषित बच्चों के दाखिले, बैंक खाता विहीन तेंदूपत्ता संग्राहकों की पहचान, गिरदावरी सत्यापन, वनाधिकार प्राप्त खातों के फौती नामांतरण, आयुष्मान भारत शिविर, एग्रीस्टेक पंजीयन तथा उज्जवला योजना के लाभ वितरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने आगामी 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी की तैयारियों की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अवैध धान की आवक पर कड़ी नजर रखी जाए। चेकपोस्ट पर ड्यूटी व्यवस्था, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और खरीदी केंद्रों में कांटा, बांट, तौल मशीन, कंप्यूटर व पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जोर दिया कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में सीईओ जिला पंचायत नम्रता चौबे, अपर कलेक्टर भूपेन्द्र कुमार अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर जागेश्वर कौशल सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी, सभी अनुभागों के एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
