दैनिक मूक पत्रिका पवनी – बीते मंगलवार को शासकीय कन्या उ0 मा0 वि0 पवनी में राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के तहत तम्बाकू नियंत्रण जागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को तंबाकू एवं नशे की लत से दूर रखना, उन्हें स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करना तथा जो तंबाकू सेवन छोड़ना चाहते हैं, उन्हें सहयोग प्रदान करना है। इस अवसर पर RBSK टीम A सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलाईगढ़ के द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य:
तम्बाकू के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाना।
तम्बाकू उत्पादों के उत्पादन और आपूर्ति को कम करना।
सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद (विज्ञापन का निषेध और व्यापार और वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का विनियमन) अधिनियम (COTPA) के प्रावधानों के बारे मे जानकारी दी गई।
इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य एस. एल.रात्रे ने कहा, “छत्तीसगढ़ के सभी शैक्षणिक संस्थान न केवल तंबाकू एवं नशा मुक्त बने, बल्कि एक सकारात्मक, सुरक्षित और स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण स्थापित करें, जिससे राज्य की युवा पीढ़ी को नशे से मुक्त एक उज्जवल भविष्य की दिशा मिले, हम सभी की जिम्मेदारी है।”
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल शिक्षक डॉ. के. डी. भास्कर (व्याख्याता) के द्वारा बताया गया, भारत में युवाओं में तंबाकू सेवन की बढ़ती प्रवृत्ति एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता का विषय बनी हुई है। पारंपरिक तंबाकू उत्पाद जैसे बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, पानमसाला के साथ-साथ ई-सिगरेट और निकोटीन पाउच जैसे नए स्वरूप युवाओं में तेजी से फैल रहे हैं। तंबाकू शरीर के लगभग सभी अंगों को प्रभावित करता है और सिर, गर्दन, ग्रासनली, फेफड़े एवं मुख कैंसर के अधिकांश मामलों का प्रमुख कारण है। वैश्विक युवा तंबाकू सर्वेक्षण 2019 के अनुसार, भारत में 13 से 15 वर्ष की आयु के 8.4 प्रतिशत स्कूली बच्चे तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं, जो अत्यंत चिंताजनक स्थिति है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों में जागरूकता बढ़ाना था।

डॉ के.डी भास्कर
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