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नेशनल पार्क इलाके में दो DVCM समेत कई बड़े कैडर के माओवादी मारे गए , हथियार और विस्फोटक बरामद ko
दैनिक मूक पत्रिका/ बीजापुर– जिले के घने नेशनल पार्क इलाके में सुरक्षा बलों ने एक निर्णायक और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा और विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) की संयुक्त टीमों ने कांदुलनार-कचलाराम के जंगलों में हुई मुठभेड़ में दक्षिण बस्तर के लिए बड़ा खतरा माने जाने वाले छह कुख्यात नक्सलियों को ढेर कर दिया। इन सभी पर कुल 27 लाख रुपये का इनाम घोषित था। मारे गए नक्सलियों में दो डिप्टी डिवीजनल कमांडर (डिवीसीएम) और कई वरिष्ठ कैडर शामिल बताए जा रहे हैं। इनकी मौत से माओवादी संगठन के सैन्य और सप्लाई नेटवर्क को बड़ा नुकसान हुआ है।

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुंदरराज, पुलिस उपमहानिरीक्षक दंतेवाड़ा और पुलिस अधीक्षक बीजापुर ने संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया कि यह अभियान विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर शुरू किया गया था। सूचना थी कि डीकेएसजेडसीएम पापाराव की मद्देड़ एरिया कमेटी के प्रभारी डीवीसीएम कन्ना उर्फ बुच्चना और पामेड़ एरिया कमेटी की सचिव डीवीसीएम उर्मिला समेत 50 से अधिक नक्सली इलाके में मौजूद हैं।
11 नवंबर की सुबह से शुरू हुए इस ऑपरेशन में रुक-रुक कर गोलीबारी चलती रही। जवाबी कार्रवाई में छह नक्सली मारे गए। घटनास्थल से पुलिस ने ऑटोमेटिक हथियारों, विस्फोटक सामग्री और माओवादी साहित्य बरामद किया है।
बरामद हथियार और सामग्री
मुठभेड़ स्थल से दो इंसास रायफल, एक 9 एमएम कार्बाइन, एक .303 रायफल, एक सिंगल शॉट रायफल, एक बारह बोर बंदूक, कई मैग्जीन, कारतूस, ग्रेनेड, रेडियो, स्कैनर, माओवादी वर्दी, साहित्य और मेडिकल सामग्री मिली है। पुलिस का कहना है कि जब्त हथियारों से यह साफ है कि माओवादी बड़ी कार्रवाई की तैयारी में थे।

मारे गए माओवादियों की पहचान
1) डीवीसीएम कन्ना ऊर्फ बुचन्ना कुड़ियम- मद्देड़ एरिया कमेटी का प्रभारी और 8 लाख रुपये का इनामी नक्सली।
वह लंबे समय से बीजापुर जिले में नक्सली गतिविधियों का मास्टरमाइंड रहा है। उसके खिलाफ 42 आपराधिक मामले दर्ज हैं और 18 स्थाई वारंट लंबित हैं।
2008 में कोंगुपल्ली पुलिस पोस्ट पर हमला
2016 में नुकनपाल कैंप अटैक
20 से अधिक ग्रामीणों की हत्या और कई आईईडी विस्फोटों की साजिश
2025 में शिक्षकों के अपहरण और हत्या में भी शामिल था
2) डीवीसीएम उर्मिला, पत्नी पापाराव (डीकेएसजेडसीएम), निवासी चिंतलनार, जिला सुकमा- पामेड़ एरिया कमेटी की सचिव और 8 लाख की इनामी नक्सली।
उर्मिला माओवादी संगठन की सप्लाई लाइन और रसद व्यवस्था संभालती थी। वह ग्रामीणों को डराकर संगठन में भर्ती कराती और माओवादी विचारधारा का प्रचार करती थी। उसकी मौत से संगठन की आपूर्ति व्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है।
3) एसीएम जगत तामो ऊर्फ मोटू, निवासी फुल्लोड़, थाना जांगला, जिला बीजापुर इनामी 5 लाख।
4) पीएम देवे, निवासी मीनागट्टा, थाना पामेड़, जिला बीजापुर – इनामी 2 लाख।
5) पीएम भगत, निवासी भैरमगढ़, जिला बीजापुर – इनामी 2 लाख।
6) पीएम मंगली ओयाम, निवासी पेद्दोजोजेर, थाना गंगालूर, जिला बीजापुर – इनामी 2 लाख।

अभियान की जानकारी दी गई
13 नवंबर को बीजापुर जिला मुख्यालय में पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी, पुलिस उप महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय, एसटीएफ एसपी स्मृतिक राजनाला और केरिपु ऑप्स डीआईजी राकेश चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभियान की विस्तृत जानकारी दी।
लगातार मिल रही है सफलता
एसपी डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में अब तक जिले में 144 माओवादी मारे गए, 499 गिरफ्तार हुए और 560 ने आत्मसमर्पण किया है। जनवरी 2024 से अब तक की कार्रवाई में कुल 202 माओवादी मारे गए, 1002 गिरफ्तार हुए और 749 ने समाज की मुख्यधारा में लौटकर आत्मसमर्पण किया है।
