आयोग ने फोटो–वीडियो अपलोड को किया अनिवार्य, जिलों को दिए कड़े निर्देश
दैनिक मूक पत्रिका बेमेतरा- भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम (स्पेशल इंटेंसिव रेविशन – एसआई आर 2026) को और गति प्रदान की गई है। अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर चल रहे इस गहन पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम, नए मतदाताओं का पंजीयन, सूची सुधार कार्य और विभिन्न निर्वाचकीय गतिविधियाँ लगातार आयोजित की जा रही हैं।
फोटो–वीडियो अपलोड अनिवार्य, आयोग की कड़ी मॉनिटरिंग
निर्वाचन कार्यालय ने बताया कि आयोग ने SIR 2026 से जुड़ी सभी गतिविधियों का दैनिक रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से फोटो और वीडियो के रूप में निर्धारित गूगल ड्राइव लिंक पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक जिले की निर्वाचन टीम को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे अपने क्षेत्र में होने वाली प्रत्येक गतिविधि — जैसे जागरूकता रैली, स्कूल–कॉलेजों में शिविर, घर-घर सत्यापन कार्य, तथा बीएलओ गतिविधियों — का दृश्य दस्तावेज समय पर अपलोड करें। राज्य कार्यालय इन सभी सामग्रियों की प्रतिदिन समीक्षा कर उन्हें भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली को भेज रहा है। किसी भी जिले द्वारा कोताही बरतने या फोटो–वीडियो अपलोड में लापरवाही मिलने पर अभियान की निगरानी और प्रगति दोनों प्रभावित हो सकती हैं, इसलिए जनसम्पर्क एवं निर्वाचन अधिकारियों को सतर्क रहते हुए समय पर अपडेट देने के निर्देश दिए गए हैं।
युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी
निर्वाचन विभाग ने बताया कि विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम प्रदेश में पूर्णतः सुचारू रूप से चल रहा है। जागरूकता कार्यक्रमों में युवाओं, कॉलेज छात्रों, महिलाओं तथा प्रथम बार वोट करने वाले नए मतदाताओं की उल्लेखनीय भागीदारी दर्ज की जा रही है। जिले अब घर–घर सत्यापन के साथ–साथ हाई स्कूल और कॉलेज परिसरों में विशेष अभियान चला रहे हैं, जिससे पात्र युवा बड़ी संख्या में पंजीकृत हो रहे हैं।
समयसीमा में दैनिक अपडेट अनिवार्य
राज्य निर्वाचन कार्यालय ने पुनः स्पष्ट किया है कि सभी जिलों को अपने-अपने क्षेत्रों के सभी कार्यक्रमों, कैंपों और गतिविधियों की दैनिक रिपोर्ट निर्धारित समयसीमा में अपलोड करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगामी चुनावों के लिए त्रुटिरहित, अद्यतन और सटीक मतदाता सूची तैयार करने का महत्वपूर्ण चरण है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी | राज्य स्तर पर उम्मीद जताई गई है कि जिलों की सक्रिय भागीदारी, सतत मॉनिटरिंग और समय पर रिपोर्टिंग के चलते स्पेशल इंटेंसिव रेविशन – 2026 अभियान को प्रदेशभर में सफलता मिलेगी। आयोग को भरोसा है कि इस प्रक्रिया से भविष्य के चुनावों के लिए एक शुद्ध, व्यवस्थित और विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार की जा सकेगी।
