सरकार को करोड़ों राजस्व की लग रही चपत,,,सरकारी पद पर बने रहकर, भ्रष्टाचार कर भर रहे अपना जेब
दैनिक मूक पत्रिका सारंगढ़ बिलाईगढ़ – नवीन जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ क्षेत्र अंतर्गत आने वाले खनिज क्षेत्र के ग्राम पंचायत टिमलागा में स्थित खनिज जांच चौकी में ओवरलोड और अवैध परिवहन की समस्या तो लगातार जारी है जिस पर जिला खनिज अधिकारी बजरंग पैंकरा खामोश बने रहते हैं। और खनिज माफियाओं पर ठोस कदम उठाने को तैयार नहीं और कोई भी कार्यवाही नहीं करते। समय-समय पर खनिज अधिकारी के ऊपर दबाव बढ़ने पर नाम मात्र के कार्यवाही माइनिंग के प्रभारी खनिज निरीक्षक दीपक पटेल के द्वारा करवाए जाते हैं। और कुछ समय बाद पता चलता है कि उनके ऊपर फाइन लगाकर छोड़ दिया गया है यही कार्यक्रम लगातार देखने को मिलते है…अगर कभी कार्यवाही हो जाए तब।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रभारी खनिज निरीक्षक दीपक पटेल के माफियाओं से अच्छे संबंध बताए गए हैं और अनुचित लाभ ले रहे हैं। खनिज माफियाओं के भ्रष्टाचार द्वारा अनुचित लाभ का चढ़ावा खनिज विभाग के जिलाधिकारी तक जाते हैं।
खनिज क्षेत्र गुडे़ली और टिमरलगा से लोड हुई अधिकतर सभी हाईवा और ट्रकें खनिज जांच चौकी टिमरलगा में से ओवरलोड और बिना रॉयल्टी के बहुत सी गाड़ियां पर होती है जो वहां पर लगे सीसीटीवी कैमरे पर भी दर्ज होता रहता है और टेक्नोलॉजी का का इतना बढ़िया इस्तेमाल वहां पर देखने को मिलेगा की इन सभी की मॉनिटरिंग खनिज अधिकारी ऑनलाइन अपने मोबाइल पर भी देख सकते हैं। लेकिन इसपर ना कोई कार्यवाही होती है और ना ही अवैध गतिविधियों पर कोई अंकुश लग रहा है, इससे सीधे-सीधे माफियाओं को फायदा मिलता है और छत्तीसगढ़ शासन को करोड़ों के राजस्व की क्षति होती है।
ऐसा नहीं है कि इसका लाभ केवल माफियाओं और अवैध ट्रांसपोर्टिंग करने वालों को ही मिलता है, व्यवस्था का कुछ हिस्सा वहां पर पदस्थ अधिकारी सुपरवाइजर को और साथ ही विभाग को भी जाता होगा।
इसी लाभ को लगातार पूरा करते रहने के लिए पूर्व में पदस्थ सुपरवाइजर अनिल नंदे और दामोदर चंद्रा जो कि अब रिटायर्ड हो चुके हैं और जो किसी भी पद पर अब नहीं हैं। ऐसे अनअधिकृत व्यक्तियों को शासकीय कार्यभार पर लगाकर विभाग उनको वेतन दे रहा है या फिर माफियाओं से उनके अच्छे संबंध को देखते हुए भ्रष्टाचार करने के लिए उनको लगाए गए हैं। वहीं उन्हें शायद सरकारी तनख्वाह भी मिल रही है चूंकि अगर किसी को दिया जाए तो वाले को, लेने में भी कोई तकलीफ नहीं होती है। सीधे तौर पर कहा जाए तो अनाधिकृत व्यक्तियों को चौकी के देखरेख में छोड़ दिया गया है विभाग को इतना तो मालूम ही होना चाहिए कि वहां पर किस स्तर पर अवैध परिवहन और ओवरलोड देखने को मिल रही है वही बहुत से गाड़ियों का बिना रॉयल्टी के ही पार कर दिया जाता है। जिले में बहुत से युवक बेरोजगार घूम रहे हैं और पूर्व पदस्थ कर्मचारियों अभी भी सरकार का वेतन भोगी बने हुए हैं इस पर विभाग को अवश्य ही सोचने की आवश्यकता है।
ऐसा नहीं हो सकता है कि इस मामले का संज्ञान जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर को नहीं होगा। वह काफी समय से जिले के कार्यभार को संभाले हुए हैं जिले के हर पहलू पर कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे की नजर होती है, तो खनिज क्षेत्र से संबंधित अवैध उत्खनन और जांच चौकी टिमरलगा पर भी उनकी नजर गई होगी, लेकिन वे भी कुछ विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही पर ध्यान केंद्रित करते नजर नहीं आ रहे। कलेक्टर महोदय सभी जगह का औचक निरीक्षण और दौरा करने के संबंध में काफी तेज तर्रार हैं, आशा है कभी ऐसे क्षेत्र का भी अवश्य ही दौरा करेंगे और इस मामले का संज्ञान लेकर इसका समाधान करेंगे।
