दैनिक मूक पत्रिका बरमकेला – बरमकेला ब्लॉक के बुदेली कलस्टर में सामाजिक बदलाव की एक सशक्त तस्वीर उभरकर सामने आ रही है। जेंडर सखी संतोषी रात्रे द्वारा क्षेत्र में नशाखोरी, महिला उत्पीड़न और बाल विवाह की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियान ने अब जनआंदोलन का रूप लेना शुरू कर दिया है। इस मुहिम में बरमकेला पुलिस का सहयोग लेकर संतोषी रात्रे लगातार गांव-गांव जाकर महिलाओं से सीधा संवाद कर रही हैं और उन्हें सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
अभियान के तहत महिलाओं को यह समझाया जा रहा है कि नशा केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। वहीं महिला उत्पीड़न और बाल विवाह जैसे अपराधों के खिलाफ चुप्पी तोड़ना और समय पर सूचना देना ही सबसे बड़ा हथियार है। संतोषी रात्रे की इस पहल से ग्रामीण महिलाओं में जागरूकता बढ़ी है और वे खुलकर अपनी समस्याएं साझा कर रही हैं।
इस अभियान को एडीओ कुसुम भगत और पीआरपी चमेली जांगड़े का निरंतर मार्गदर्शन मिल रहा है। दोनों अधिकारियों के सहयोग से जागरूकता बैठकों, महिला संवाद कार्यक्रमों और सामूहिक शपथ कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। परिणामस्वरूप, क्षेत्र की बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं इस मुहिम से जुड़ रही हैं और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ खड़े होने का संकल्प ले रही हैं।
ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि पहले वे कई बातों को सहन कर लेती थीं, लेकिन अब उन्हें अपने अधिकारों और कानून की जानकारी मिल रही है। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अन्य महिलाओं को भी जागरूक करने में आगे आ रही हैं।
जेंडर सखी संतोषी रात्रे ने कहा-
“नशा, महिला उत्पीड़न और बाल विवाह समाज को अंदर से खोखला कर देते हैं। इन्हें रोकना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। मैं क्षेत्र की सभी महिलाओं से अपील करती हूं कि वे डरें नहीं, एक-दूसरे का साथ दें और किसी भी गलत कार्य की जानकारी तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को दें। जब महिलाएं एकजुट होंगी, तभी स्वस्थ और सुरक्षित समाज का निर्माण संभव होगा।”
अभियान की बढ़ती सफलता को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि बुदेली कलस्टर में जेंडर सखी संतोषी रात्रे की पहल न केवल सराहनीय है, बल्कि अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है। ग्रामीण महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से यह उम्मीद मजबूत हो रही है कि आने वाले समय में क्षेत्र को नशामुक्त, सुरक्षित और सशक्त बनाया जा सकेगा।
