दैनिक मूक पत्रिका बेमेतरा – जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं बेमेतरा के पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान खरीदी के लिए किसानों का एग्री स्टेट पोर्टल पर पंजीकरण की अनिवार्यता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि विष्णु देव साय की भाजपा सरकार की नियत सही नहीं है प्रदेश के किसानों के धान खरीदना नहीं चाहती है यही कारण है कि किसानों को इस तरह परेशान किया जा रहा है एग्री स्टेट पोर्टल किसानों के आधार कार्ड से लिंक होगा जबकि आधार कार्ड से संबंधित पोर्टल में आए दिन समस्या उत्पन्न होने के कारण पंजीकरण के लिए अनिवार्य जिसके बिना एग्री स्टेट पोर्टल नहीं खुलता पंजीयन के समय प्राप्त होने वाले ओटीपी जो समय पर प्राप्त नहीं होता है की समस्या के कारण एग्रीटेक स्टेट पोर्टल पर किसानों का पंजीयन नहीं हो पा रहा है साथ ही अन्य भी तकनीकी समस्याओं का सामना किसानों को करना पड़ रहा है ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल लोगों की समस्या बहुत बड़ी समस्या है मोबाइल सिगनल बराबर नहीं मिल रहा है ऐसे में किसान कैसे ऑनलाइन अपना पंजीयन कराएं अक्टूबर माह में अकेले बेमेतरा जिले में ही लगभग 30000 से अधिक किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया था सरकार द्वारा जो डेड लाइन निश्चित की गई है उसके अनुसार अगर किसी किसान का एग्री स्टेक पोर्टल पर पंजीयन नहीं होता है तो उसके धान की खरीदी नहीं की जाएगी यह कहीं ना कहीं प्रदेश के भाजपा सरकार के धान खरीदी से बचने का एक बहाना है भाजपा सरकार आम जनता को लूटने में लगी हुई है वर्ष 2023 से अब तक प्रदेश में धान खरीदी की कीमत में बढ़ोतरी नहीं की गई है जो कहीं ना कहीं किसानों के साथ धोखा है भाजपा के लोग पूरे प्रदेश को लूटने में लगे हुए हैं वैसे भी भाजपा किसानों की हितैसी नहीं है भाजपा पूंजीपतियों की पार्टी है आज पूरे प्रदेश में भाजपाई प्रदेश को लूटने के कामों में व्यस्त है उन्हें किसानों से कोई लेना-देना नहीं है वैसे भी इस बार किसानों ने पानी की समस्या खाद की समस्या यूरिया की समस्या डीएपी की समस्या और सबसे महत्वपूर्ण बिजली की समस्या से लगातार सामना किया है किसानों के लागत मूल्य में बहुत अत्यधिक बढ़ोतरी हुई है और जिस तरह प्रदेश की सरकार पुरानी कीमत पर धान की खरीदी करने जा रही है वह कहीं ना कहीं किसानों के हित में कुठाराघात है जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने मांग की है कि प्रदेश में धान खरीदी के लिए एग्री स्टेट पोर्टल पर पंजीयन के अनिवार्यता को समाप्त किया जाए पूर्व में जिस तरह राज्य स्तर पर पंजीयन किया जाकर किसने की धान खरीदी की जा रही थी जिसमें किसान कभी परेशान नहीं हुआ वही व्यवस्था पूर्ववत लागू की जाए।
