दैनिक मूक पत्रिका जगदलपुर। प्रदेश में धान खरीदी को लेकर जारी अव्यवस्थाओं के खिलाफ बस्तर जिला किसान कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए एग्रो पोर्टल आधारित टोकन प्रणाली को तत्काल बंद करने की मांग की। ज्ञापन बस्तर कलेक्टर के माध्यम से सौंपा गया। संगठन का कहना है कि यह व्यवस्था किसानों के लिए जटिल, अव्यवस्थित और अत्यधिक परेशानियों से भरी साबित हो रही है। किसान कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं करने पर 20 दिसंबर से पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष दयाराम कश्यप ने बताया कि एग्रो पोर्टल की तकनीकी खामियों के कारण प्रदेशभर के किसानों में भारी निराशा है। पोर्टल बार-बार फेल होने, पंजीयन में त्रुटि आने और टोकन जारी न होने से बड़ी संख्या में किसान अपने धान की बिक्री से वंचित रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान सुबह-शाम सिस्टम में लॉगिन करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सर्वर समस्याओं के कारण टोकन जारी नहीं हो पा रहा है, जिससे खरीदी केंद्रों में अराजकता की स्थिति बन गई है।
ज्ञापन में बताया गया है कि महासंमुद जिले के किसान मनबोध की ओर से टोकन न मिलने से हताश होकर आत्महत्या का प्रयास किए जाने की घटना का उल्लेख करते हुए इसे सरकारी तंत्र की गंभीर विफलता बताया गया। किसान कांग्रेस का कहना है कि जिन किसानों के पास सभी वैध दस्तावेज हैं, वे भी प्रणालीगत खामियों के चलते खरीदी प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं। संगठन ने इसे सुनियोजित अनदेखी बताते हुए कहा कि ऐसे किसानों के लिए मैन्युअल पंजीयन या वैकल्पिक व्यवस्था तत्काल लागू होनी चाहिए। किसान कांग्रेस ने मांग की है, कि एग्रो पोर्टल को तत्काल बंद कर पुरानी व सुचारू धान खरीदी व्यवस्था फिर से लागू किया जाए। किसानों को पहले की तरह एक साथ 3 टोकन उपलब्ध कराए जाएं। मक्का को 2400 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर खरीदा जाए।
