बच्चों की फर्जी उपस्थिति दिखाकर राशन की राशि निकालने का मामला, जांच में खुलासा
मूक पत्रिका बीजापुर/आशीष पदमवार। जिले के पोटा केबिन आवासीय विद्यालयों में गड़बड़ी का मामला सामने आने पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। बच्चों की फर्जी उपस्थिति दिखाकर राशन और मेस मद की राशि निकालने के आरोप में चार प्रभारी अधीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

बस्तर संभाग के संयुक्त संचालक एच आर सोम के आदेश पर आदित्य ठाकुर, प्रभारी अधीक्षक नेताजी सुभाषचंद्र बोस बालक आवासीय विद्यालय भटवाड़ा, लक्ष्मीनारायण ओढदल, प्रभारी अधीक्षक आवासीय विद्यालय सेण्ड्रापल्ली, पुष्पलता सोनी, प्रभारी अधीक्षक आवासीय विद्यालय संगमपल्ली और रघुनंदन मौर्य, प्रभारी अधीक्षक आवासीय विद्यालय भटवाड़ा पर यह कार्रवाई हुई है। प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद विभाग ने यह कदम उठाया। ये सभी अलग-अलग स्कूलों में पदस्थ रहते हुए आवासीय विद्यालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
जांच के दौरान रिकॉर्ड और हकीकत में फर्क मिला। दस्तावेजों में बच्चों की संख्या ज्यादा दर्ज थी, जबकि मौके पर छात्र कम पाए गए। इसके बावजूद कागजों में पूरी उपस्थिति दिखाकर भोजन और मेस शुल्क की राशि निकाली जा रही थी। बताया गया है कि जुलाई से अक्टूबर के बीच अनुपस्थित बच्चों के नाम पर भी राशि आहरित की गई।
जांच टीम को हाजिरी रजिस्टर में काट-छांट और रिकॉर्ड से छेड़छाड़ के संकेत भी मिले हैं। कई जगह हर महीने बनने वाला मेस गणना चार्ट नहीं मिला, जिसे नियमों के खिलाफ माना गया है। विभाग ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता माना है।
कलेक्टर बीजापुर की अनुशंसा पर हुई इस कार्रवाई के बाद संयुक्त संचालक शिक्षा एच आर सोम ने साफ किया है कि जांच अभी जारी है। इनके द्वारा
जुलाई से दिसम्बर के बीच अनुपस्थित बच्चों के नाम पर राशि आहरित की गई है। निलंबित शिक्षकों के खिलाफ आरोप पत्र जारी कर विभागीय जाँच किया जाएगा उस पर जो तथ्य सामने आएगा उसके अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
