पुनर्वास केंद्र में युवाओं से सीधा संवाद, मुख्य धारा में लौटने के साहस की सराहना
बीजापुर। छत्तीसगढ़ राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष गिरधारी नायक ने अपने दो दिवसीय प्रवास की शुरुआत पुनर्वास केंद्र के दौरे से की। यहां उन्होंने मुख्यधारा में लौटे युवाओं से खुलकर बातचीत की। युवाओं ने नक्सल संगठन में बिताए समय की कठिनाइयों और वर्तमान में मिल रही सुविधाओं के बारे में बताया। अध्यक्ष ने कहा कि समाज में लौटना बड़ा निर्णय है और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि ऐसे युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से मजबूती से जोड़ा जाए।

बाल देखरेख संस्थान और कन्या शिक्षा परिसर का निरीक्षण, शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर
अध्यक्ष ने बाल देखरेख संस्थान पहुंचकर बच्चों से संवाद किया और उन्हें मिल रही शिक्षा व पोषण सुविधाओं की जानकारी ली। बच्चों ने उत्साह के साथ उनका स्वागत किया और पढ़-लिखकर आगे बढ़ने की इच्छा जताई। एजुकेशन सिटी स्थित कन्या शिक्षा परिसर में छात्राओं से पाठ पढ़वाकर उनकी समझ और आत्मविश्वास परखा गया। छात्राओं के प्रदर्शन पर संतोष जताते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की बात कही गई।

समर्थ दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में व्यवस्थाओं का निरीक्षण
दिव्यांग बच्चों के पुनर्वास केंद्र में भोजन, आवास और प्रशिक्षण कक्षों का निरीक्षण किया गया। अध्यक्ष ने समावेशी और संवेदनशील वातावरण की आवश्यकता पर जोर देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा, पोषण पुनर्वास केंद्र का भी निरीक्षण
दौरे के दौरान जिला अस्पताल का भी जायजा लिया गया। ओपीडी, दवा वितरण, लैब और अन्य विभागों की व्यवस्था देखी गई। डॉक्टरों की उपलब्धता और मरीजों को मिल रही सुविधाओं पर चर्चा हुई। पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों की देखभाल व्यवस्था का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और पारदर्शिता पर बल दिया गया।

उप-जेल में बंदियों से बातचीत, शिक्षा और सुधार पर बल
उप जेल के निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने बंदियों से सीधा संवाद किया। अधिकांश बंदी कम पढ़े-लिखे पाए गए। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सही मार्गदर्शन और अवसर से सुधार संभव है। जेल में भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की भी जानकारी ली गई।

कोतवाली थाना में कार्यप्रणाली की समीक्षा, संवेदनशील पुलिसिंग के निर्देश
कोतवाली थाना में शिकायत निवारण व्यवस्था और दर्ज मामलों की स्थिति की समीक्षा की गई। अध्यक्ष ने पुलिस अधिकारियों को पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए, ताकि नागरिकों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
दौरे के दौरान कलेक्टर संबित मिश्रा और पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव,एसडीएम जागेश्वर कौशल,सहायक आयुक्त देवेंद्र सिंह,सीएमएचओ बी आर पुजारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
