दैनिक मूक पत्रिका बेमेतरा- कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देशन मे प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अपूर्ण एवं नए स्वीकृत आवासों के निर्माण कार्य में गति लाने के उद्देश्य से जनपद पंचायत नवागढ़ अंतर्गत ग्राम मुरता में बीते शुक्रवार शाम 5 बजे संध्या चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को योजना की पात्रता, तकनीकी मानक, किस्त जारी प्रक्रिया और निर्धारित समय सीमा की स्पष्ट एवं विस्तृत जानकारी देना था, जिससे सभी हितग्राही समय पर अपना आवास निर्माण प्रारंभ कर सकें।
चौपाल में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025-26 में स्वीकृत नए आवासों की सूची ग्राम पंचायत को प्राप्त हो चुकी है। जिन हितग्राहियों को प्रथम किस्त 40,000 रुपये जारी कर दिए गए हैं, उन्हें तत्काल निर्माण कार्य शुरू कर प्लिंथ स्तर तक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि जिन हितग्राहियों ने राशि प्राप्त करने के बावजूद कार्य प्रारंभ नहीं किया है, उनके विरुद्ध छत्तीसगढ़ राज्य पंचायती राज अधिनियम के तहत वसूली की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि सरकारी सहायता का उद्देश्य शीघ्र पक्का मकान उपलब्ध कराना है, इसलिए राशि रोककर रखने या अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्यक्रम में नवागढ़ जनपद अध्यक्ष खोरबाहरा साहू, एसडीओ ग्रामीण यांत्रिकी सेवा धमेन्द्र कुमार, विकासखंड समन्वयक (आवास) जनक बंजारे, पंचायत प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने निर्माण सामग्री की उपलब्धता, तकनीकी मानकों से जुड़ी समस्याएं, जियो-टैगिंग में विलंब तथा नरेगा मजदूरी भुगतान जैसी व्यावहारिक समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। अधिकांश शिकायतों का समाधान स्थल पर ही कर दिया गया। संबंधित विभागीय टीमों को निर्देशित किया गया कि किसी भी हितग्राही को तकनीकी बाधा का सामना न करना पड़े और सभी आवास से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक व पंचों ने गांव में अपूर्ण आवासों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा निर्माण कार्य में बाधाओं की जानकारी दी। अंत में ग्रामीणों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने आवासों के निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण करने का संकल्प लिया। यह संध्या चौपाल न केवल योजना की प्रगति को तेज करने की दिशा में सार्थक रही बल्कि ग्रामीणों को जागरूक कर उन्हें समयबद्ध लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रेरित भी किया।
